facebookmetapixel
डॉलर के मुकाबले रुपया 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया मुद्रा पर दबावमुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन का विश्वास: हर दिन असंभव को संभव कर दिखाएंगे भारतीयइंडियन ऑयल की अफ्रीका और यूरोप के बाजारों में पेट्रोकेमिकल निर्यात बढ़ाने की तैयारी: CMD एएस साहनीUP Budget 2026: 11 फरवरी को आएगा उत्तर प्रदेश का बजट, विकास और जनकल्याण पर रहेगा फोकसEconomic Survey 2026: वै​श्विक खींचतान से निपटने के लिए स्वदेशी पर जोरसुप्रीम कोर्ट ने ट्रेड यूनियनों को फटकारा, औद्योगिक विकास में रुकावट के लिए जिम्मेदार ठहरायाEconomic Survey में ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ पर जोर: लाइव कॉन्सर्ट और रचनात्मकता से चमकेगी देश की GDPबारामती विमान दुर्घटना: जांच जारी, ब्लैक बॉक्स बरामद; DGCA सतर्कविदेशों में पढ़ रहे 18 लाख भारतीय छात्र, प्रतिभा पलायन रोकने के लिए बड़े सुधारों की जरूरत: Economic SurveyEconomic Survey 2026: जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां बढ़ीं, बच्चों में मोटापे का खतरा

ग्रामीण भारत में दोपहिया वाहनों की मांग में उछाल, शहरी बाजारों से आगे निकला

शहरी बाजारों में दोपहिया वाहनों की बिक्री में इस दौरान महज 12 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि ग्रामीण बाजारों में यह आंकड़ा 14.5 फीसदी रहा।

Last Updated- August 25, 2024 | 10:16 PM IST
Two Wheelers

कोविड के बाद पहली बार इस साल अप्रैल से जुलाई के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों की बिक्री में शहरी बाजारों के मुकाबले अधिक वृद्धि हुई। इस दौरान दोपहिया उद्योग में 13.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। शहरी बाजारों में दोपहिया वाहनों की बिक्री में इस दौरान महज 12 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि ग्रामीण बाजारों में यह आंकड़ा 14.5 फीसदी रहा।

होंडा मोटरसाइकिल ऐंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) के निदेशक (बिक्री एवं विपणन) योगेश माथुर ने कहा, ‘इस साल अब तक ग्रामीण क्षेत्र का प्रदर्शन शहरी क्षेत्र से थोड़ा बेहतर रहा है। इसकी मुख्य वजह ग्रामीण क्षेत्र की समग्र आर्थिक स्थिति में सुधार है। सरकार ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दे रही है जिससे बाजार के समग्र विकास को गति मिली है।’

चेन्नई की टीवीएस मोटर कंपनी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के दौरान दोपहिया बाजार में दो अंकों में वृद्धि होने का अनुमान है। टीवीएस मोटर के मुख्य कार्याधिकारी केएन राधाकृष्णन ने कहा, ‘हम ग्रामीण बाजारों में तेजी देख रहे हैं। दोपहिया वाहनों की बिक्री में ग्रामीण बाजार का अनुपात बेहतर हो रहा है। कुल बिक्री में ग्रामीण बाजारों की हिस्सेदारी करीब 52 फीसदी और शहरी बाजारों की करीब 48 फीसदी है। बुनियादी ढांचे में निवेश पर सरकार के जोर दिए जाने और सड़कों की स्थिति बेहतर होने के कारण अब हर कोई दोपहिया वाहन खरीदना चाहता है। इसलिए इसमें जबरदस्त अवसर मौजूद है। मैं हमेशा मानता रहा हूं कि दोपहिया श्रेणी में कम से कम 10 फीसदी की सालाना चक्रवृद्धि दर दिखेगी।’

दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनियां चालू वित्त वर्ष में वृद्धि को रफ्तार देने के लिए पहली बार के खरीदार और ग्रामीण मांग पर दांव लगा रही हैं। ग्रामीण बाजार की मांग में वृद्धि को सामान्य मॉनसून के अनुमान और नए मॉडलों से रफ्तार मिल रही है।

हीरो मोटोकॉर्प के सीएफओ विवेक आनंद ने पहली तिमाही के नतीजे जारी करने के बाद कहा कि दोपहिया उद्योग में वृद्धि की संभावनाओं को लेकर वह काफी आशान्वित हैं। उन्होंने कहा, ‘ग्रामीण बाजारों में तेजी से सुधार होने की उम्मीद, 125 सीसी के पोर्टफोलियो में विस्तार और पावर ब्रांड तैयार करने में भारी निवेश के मद्देनजर हम उम्मीद करते हैं कि इसकी रफ्तार उद्योग के मुकाबले अधिक होगी।’

हीरो मोटोकॉर्प के मुख्य कारोबार अधिकारी (भारतीय कारोबार इकाई) रंजीवजित सिंह ने भी संकेत दिया कि वास्तव में ग्रामीण बाजार में तेजी दिख रही है। उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर यह अधिक संतुलित वृद्धि है। हमने ग्रामीण बाजार के बल पर कुल मिलाकर 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि यह कोई अचरज की बात नहीं है।’

एचएफ डीलक्स और स्प्लेंडर जैसे हीरो मोटोकॉर्प के मॉडलों को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। सिंह ने कहा कि 125 सीसी के मॉडलों ने भी ग्रामीण बाजारों में अच्छा प्रदर्शन किया है।

हीरो मोटोकॉर्प के मुख्य कार्याधिकारी निरंजन गुप्ता भी ग्रामीण बाजारों में दिख रही सकारात्मक रुझान से काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि यह रुझान अन्य श्रेणियों में भी दिख रहा है।

प्रबंधन सलाहकार फर्म प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक अनुराग सिंह ने कहा, ‘अच्छे मॉनसून, सरकारी खर्च में वृद्धि, कृषि में तकनीक के इस्तेमाल, ई-कॉमर्स तक पहुंच, अनुकूल एमएसपी आदि कारणों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिल रही है। इससे ग्रामीण लोगों की आय बढ़ी है और वे दोपहिया वाहन खरीदने के लिए प्रेरित हुए हैं। उनका रुझान बाइक की ओर है क्योंकि वह आवश्यक मोबिलिटी प्रदान करती है। बाइक की मांग में वृद्धि ग्रामीण समृद्धि का नतीजा है।’

First Published - August 25, 2024 | 10:16 PM IST

संबंधित पोस्ट