facebookmetapixel
Advertisement
IT से रहें सावधान, बैंकिंग-हेल्थकेयर पर दांव! Tata AMC के CIO ने बताया कहां मिलेगा बेहतर रिटर्नशेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की दमदार वापसी! 6 महीने में लगाया ₹57,203 करोड़, जानें कहां दिख रहा भरोसामॉनसून ने बदली चाल! अब किसानों के लिए आई बड़ी राहत, तेजी से बढ़ सकती है खरीफ की बोआईसरकार के नए नियम से बैटरी कंपनियां परेशान! खुद रिसाइक्लिंग करने पर भी खरीदना पड़ रहा सर्टिफिकेटक्या Airtel बनने वाला है अगला मल्टीबैगर? कई ब्रोकरेज ने दी ‘Buy’ रेटिंगAxis Bank से PNB तक कई बैंकों की कमाई में उछाल! रिजल्ट्स से पहले आई बड़ी रिपोर्टStock Market Today: GIFT Nifty से सपाट शुरुआत के संकेत, एशियाई बाजारों में तेजी; 72 डॉलर से नीचे फिसला ब्रेंट क्रूडStocks To Watch Today: HDFC Bank, Yes Bank, PB Fintech समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, जानिए आज के बड़े ट्रिगर्सITR Filing 2026: नौकरी संग फ्रीलांसिंग से भी कमाई करें तो आयकर रिटर्न कैसे भरेंTAFE की बड़ी रणनीति: यूरोप में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर लॉन्च करेगी कंपनी, भारत में सस्ते मॉडल पर काम

कम बिक रहीं छोटी कारें, मारुति ने सरकार से की हस्तक्षेप की मांग

Advertisement

महीने के दौरान कंपनी की अल्टो, एस-प्रेसो जैसी छोटी कारों की बिक्री में एक साल पहले के मुकाबले भारी भरकम 31.5 फीसदी की गिरावट आई है।

Last Updated- June 02, 2025 | 10:01 PM IST
Maruti Suzuki

देश की दिग्गज कार विनिर्माता मारुति सुजूकी ने भारत में छोटी कारों की मांग में सुधार के लिए सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। कंपनी ने आज कहा कि किफायती और ऋण मिलने में हो रही कठिनाइयों के कारण मांग में सुधार नहीं हो रहा है। इससे लोगों को दोपहिया से चार पहिया वाहन खरीदने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा कंपनी ने कहा कि उसे चीन द्वारा चुम्बकों के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध का तुरंत कोई असर नहीं दिख रहा है। महीने के दौरान कंपनी की अल्टो, एस-प्रेसो जैसी छोटी कारों की बिक्री में एक साल पहले के मुकाबले भारी भरकम 31.5 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी ने पिछले साल 9,902 गाड़ियों की बिक्री की थी, जो इस साल घटकर 6,776 रह गई।

मारुति सुजूकी के सेल्स ऐंड मार्केटिंग प्रमुख पार्थ बनर्जी ने कहा, ‘सरकार को यह समझना चाहिए कि लोग दोपहिया से चार पहिया वाहनों में अपग्रेड नहीं हो पा रहे हैं। सरकार को कोई उपाय निकालना होगा। अगर हम बड़ी और छोटी कारों को एक ही स्तर पर रखेंगे तो किफायती होना प्रमुख मुद्दा बन जाएगा।’

बनर्जी ने कहा कि कंपनी को छोटी कारों के लिए पूछताछ में कोई गिरावट नहीं नजर आ रही है मगर इस श्रेणी के संभावित ग्राहकों के पास सामर्थ्य और ऋण बाधाओं के कारण इसे खरीदना चिंता का कारण है। कंपनी ने कहा कि इन कारों में शामिल किए गए अतिरिक्त नए फीचर के कारण हाल के वर्षों में इनकी कीमतें बढ़ गई हैं।

उद्योग ने जानकारों का कहना है कि शुरुआती स्तर की कार खरीदार की औसत हर महीने की आमदनी 65,000 से 75,000 रुपये के बीच है, जबकि एसयूवी खरीदने वाले हर महीने औसतन 75,000 से 90,000 रुपये कमा रहे हैं। नौकरी बाजार में धीमी वृद्धि ने भी इस श्रेणी को प्रभावित किया है।

Advertisement
First Published - June 2, 2025 | 10:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement