facebookmetapixel
Advertisement
बीमा सेक्टर में बड़ा धमाका! अब 100% FDI को मंजूरी, विदेशी कंपनियों की एंट्री आसानUS-Iran War: ट्रंप को नहीं भाया ईरान का नया प्लान! बोले- ‘डील मुश्किल’, अब क्या होगा आगे?Kotak Mahindra Bank Q4: मुनाफे में 10% की बढ़त, एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधारकमर्शियल गैस की कीमतों में आग: दिल्ली के फूड वेंडर्स बेहाल, रेस्टोरेंट्स रेट बढ़ाने की तैयारी में!पुरानी कंपनी का अटका PF पैसा अब तुरंत मिलेगा वापस, नया ‘E-PRAAPTI’ पोर्टल लॉन्च; ऐसे करेगा कामNPS सब्सक्राइबर्स सावधान! 1 जुलाई से बदल रहे हैं मेंटेनेंस के नियम, समझें आपकी जेब पर क्या होगा असरक्या आपके फोन में भी आया तेज सायरन वाला मैसेज? सरकार ने क्यों किया ऐसा टेस्टAvro India का बड़ा धमाका: 1 शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर, जानें स्टॉक स्प्लिट की पूरी डिटेलRBI में बड़ा बदलाव! रोहित जैन बने नए डिप्टी गवर्नर, 3 साल तक संभालेंगे अहम जिम्मेदारीनिवेशकों की लॉटरी! हर 1 शेयर पर 6 बोनस शेयर देगी अलका इंडिया, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्ते

FAME-3 की तैयारी शुरू, वैक​ल्पिक ईंधन वाले वाहनों को भी स​ब्सिडी!

Advertisement

फेम के पहले दोनों चरणों में बैटरी वाले इले​क्ट्रिक वाहनों को लिया गया था स​ब्सिडी के दायरे में

Last Updated- October 06, 2023 | 10:11 PM IST
Govt shifts into high gear to expand subsidies to alt-fuel vehicles

सरकार ने हाइब्रिड और इले​क्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाए और बनाए जाने के तीसरे चरण (फेम-3) की आर्थिक सहायता पर काम करना शुरू कर दिया है। बिज़नेस स्टैंडर्ड को पता चला है कि इसमें वैक​ल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों को भी शामिल किया जा सकता है।

एक वरिष्ठ सरकारी अ​धिकारी के अनुसार फेम के अगले चरण में हाइड्रोजन और जैव-ईंधन जैसे वैक​ल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों को भी शामिल करने का प्रस्ताव है। सरकारी अ​धिकारियों ने कहा, ‘इस योजना का उद्देश्य पेट्रोल-डीजल से चलने वाले और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का उपयोग बंद करना तथा वै​क​ल्पिक ईंधन वाले वाहनों को प्रोत्साहन देना है। कुल मिलाकर इसका लक्ष्य पेट्रोल-डीजल इंजन वाले वाहन छोड़कर स्वच्छ प्रौद्योगिकी वाले वाहन अपनाए जाने को बढ़ावा देना है।’

वा​हन विनिर्माताओं के संगठन सायम ने पेट्रोल-डीजल इंजनों के विकल्प के तौर पर दुनिया भर में नौ पावरट्रेन यानी इंजनों की पहचान की है। इन विकल्पों में प्राकृतिक गैस, तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और हाइड्रोजन जैसी गैस से चलने वाले इंजन, एथनॉल, फ्लेक्स-फ्यूल और पर्यावरण के अनुकूल अन्य सिंथेटिक ईंधनों तथा जैव-ईंधन से चलने वाले वाहन शामिल हैं। हाइब्रिड इले​क्ट्रिक वाहन तथा प्लग-इन-हाइब्रिड इले​क्ट्रिक वाहन भी इनमें शामिल हैं।

शून्य उत्सर्जन वाहन श्रेणी में बैटरी से चलने वाले इले​क्ट्रिक वाहन और फ्यूल सेल इले​क्ट्रिक वाहन रखे गए हैं। इस तरह के इंजनों से पता चलता है कि उद्योग पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ परिवहन समाधान के लिए कितना संकल्पबद्ध है। सरकार इस समय फेम योजना के तहत बैटरी वाले इले​क्ट्रिक वाहनों और ज्यादा हाइब्रिड वाले वाहनों पर स​ब्सिडी देती है।

फेम योजना के पहले दो चरणों ने देश में इले​क्ट्रिक वाहनों की रफ्तार बढ़ाने में उल्लेखनीय भूमिका अदा की। इसकी बदौलत ही देश के वाहन बाजार में इले​क्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 6 फीसदी हो गई है। 2015 में फेम के पहले चरण में सरकार ने करीब 900 करोड़ रुपये की रा​शि आवंटित की थी और 2019 में योजना के दूसरे चरण के दौरान

स​ब्सिडी की कुल रा​शि बढ़कर करीब 10,000 करोड़ रुपये हो गई। अभी तक इस योजना के तहत 10 लाख से ज्यादा वाहनों को स​ब्सिडी दी जा चुकी है। सरकार फेम योजना का अगला चरण शुरू करने पर तेजी से काम कर रही है मगर यह तय नहीं है कि योजना का नाम यही रहेगा या बदल जाएगा।

एक वरिष्ठ अ​धिकारी ने कहा कि मौजूदा योजना की तरह ही अगले चरण में भी दोपहिया, तिपहिया, कारों, बसों सहित सभी श्रेणी के वाहनों को सब्सिडी मिलेगी। इस सूची में ट्रकों को भी शामिल करने का प्रस्ताव है।

फेम-3 योजना के प्रस्ताव के मसौदे का मूल्यांकन वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही करेंगे। फेम-2 की समयसीमा मार्च 2024 में खत्म होने वाली है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि भारी उद्योग मंत्रालय जल्द ही दोनों विभागों को मूल्यांकन के लिए मसौदे का प्रस्ताव दे सकता है।

Advertisement
First Published - October 6, 2023 | 10:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement