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बिना इंटरनेट के भी कर पाएंगे चैट! क्या है जैक डोर्सी का नया मैसेजिंग ऐप BitChat और कैसे करता है काम

जैक डोर्सी ने बिना इंटरनेट चलने वाला BitChat ऐप लॉन्च किया, जो ब्लूटूथ पर आधारित सुरक्षित मैसेजिंग सुविधा देता है और यूजर की प्राइवेसी को पूरी तरह बचाता है।

Last Updated- July 30, 2025 | 6:40 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: X

ट्विटर (अब X) के सह-संस्थापक और ब्लॉक के CEO जैक डोर्सी ने एक नया मैसेजिंग ऐप लॉन्च किया है, जिसका नाम है बिटचैट। यह ऐप उन लोगों के लिए बनाया गया है, जो इंटरनेट के बिना भी सुरक्षित और निजी तरीके से चैट करना चाहते हैं। यह ऐप ब्लूटूथ की मदद से काम करता है और इसके लिए न तो इंटरनेट चाहिए, न ही फोन नंबर या ईमेल की जरूरत पड़ती है। जुलाई 2025 में लॉन्च हुआ यह ऐप अब iPhone यूजर्स के लिए ऐपल के टेस्टफ्लाइट प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और जल्द ही इसे एंड्रॉयड यूजर्स के लिए भी लॉन्च किया जाएगा। इस ऐप ने लॉन्च होते ही 10,000 बीटा टेस्टर्स की सीमा को छू लिया, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। 

बिटचैट क्या है और इसे खास क्या बनाता है?

बिटचैट एक ऐसा मैसेजिंग ऐप है, जो पूरी तरह से डिसेंट्रलाइज्ड यानी विकेन्द्रीकृत है। यानी यह व्हाट्सऐप या टेलीग्राम जैसे ऐप्स की तरह किसी सेंट्रल सर्वर पर निर्भर नहीं करता। यह ब्लूटूथ लो एनर्जी (BLE) मेश नेटवर्किंग का इस्तेमाल करता है, जिससे यूजर्स अपने आसपास के डिवाइसेज के साथ सीधे कनेक्ट हो सकते हैं। इस ऐप में आपको कोई अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं पड़ती, न ही कोई पर्सनल जानकारी देनी होती है। ऐप खोलते ही आपको एक रैंडम यूजरनेम मिलता है, जिसे आप बदल भी सकते हैं। 

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यह ऐप खास तौर पर उन जगहों के लिए बनाया गया है, जहां इंटरनेट नहीं है। कंपनी का दावा है कि प्राकृतिक आपदा के समय, रिमोट इलाकों में या फिर ऐसी जगहों पर जहां इंटरनेट पर पाबंदी हो, वहां यह बेहतर काम कर सकता है। 

बिटचैट कैसे काम करता है?

बिटचैट का काम करने का तरीका बिल्कुल अलग है। यह ब्लूटूथ के जरिए एक मेश नेटवर्क बनाता है, जिसमें पास के डिवाइस आपस में कनेक्ट होकर एक नेटवर्क बनाते हैं। अगर आप किसी को मैसेज भेजना चाहते हैं, जो ब्लूटूथ की रेंज (लगभग 30 मीटर) से बाहर है, तो मैसेज पास के डिवाइसेज के जरिए रिले होता है। यानी एक फोन से दूसरे फोन तक मैसेज तब तक पहुंचता है, जब तक वह सही व्यक्ति तक नहीं पहुंच जाता। 

इसमें स्टोर-एंड-फॉरवर्ड सिस्टम है, जिसका मतलब है कि अगर रिसीवर उस वक्त ऑफलाइन है, तो मैसेज पास के डिवाइस में स्टोर हो जाता है और बाद में डिलीवर हो जाता है। सारे मैसेज एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं, यानी सिर्फ भेजने वाला और पाने वाला ही उसे पढ़ सकता है। सुरक्षा और प्राइवेसी का खास ध्यानबिटचैट की सबसे बड़ी खासियत है इसकी प्राइवेसी और सुरक्षा।

यह ऐप नॉइज प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करता है, जो मैसेज को पूरी तरह सुरक्षित रखता है। इसमें कोई सेंट्रल सर्वर नहीं है, इसलिए आपका डेटा कहीं स्टोर नहीं होता। मैसेज सिर्फ आपके फोन की मेमोरी में रहते हैं और कुछ समय बाद अपने आप डिलीट हो जाते हैं। इसके अलावा, ऐप में पासवर्ड से सुरक्षित ग्रुप चैट्स, यूजर मेंशन करने की सुविधा और अनचाहे यूजर्स को ब्लॉक करने का ऑप्शन भी है। हालांकि, जैक डोर्सी ने खुद चेतावनी दी है कि ऐप की प्राइवेट मैसेजिंग और चैनल फीचर्स की अभी बाहरी सिक्योरिटी जांच नहीं हुई है, इसलिए संवेदनशील जानकारी भेजने से बचना चाहिए। 

First Published - July 30, 2025 | 6:40 PM IST

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