facebookmetapixel
Advertisement
ऑटो सेक्टर को PLI स्कीम के तहत FY27 में ₹4,700 करोड़ देगी सरकार, निवेश बढ़ाने की तैयारी तेजटाटा कैपिटल का रिवॉल्विंग क्रेडिट एक्सपोजर 5% से कम, RBI के नए प्रस्ताव से कंपनी पर पड़ेगा सीमित असररूस से तेल खरीद पर 100% अमेरिकी टैरिफ की धमकी, भारत-अमेरिका वार्ता में बढ़ सकता है दबाव‘ग्रामीण भारत तक पहुंचे बैंकिंग AI, तभी असली सफलता होगी हासिल’, SBI चेयरमैन सीएस शेट्टी की सलाहपांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट तेज, भाजपा-सपा-कांग्रेस-बसपा समेत दलों ने कसी कमरBrand Canvas 2026: VIT की ‘पावर रेंजर्स’ ने जीता बीस्मार्ट की पहली विज्ञापन प्रतियोगिता का खिताबY2K से AI के दौर तक: 1991 के आर्थिक सुधारों ने कैसे बदल डाली भारतीय IT इंडस्ट्री की पूरी तस्वीरअमेरिका में क्रिप्टो बिल से भारत पर बढ़ा दबाव, ससंदीय समिति ने VDA कानून बनाने की मांग कीनई मर्सिडीज-BMW हुई मंहगी तो पुरानी लक्जरी कारों की बिक्री में आया उछाल, युवा खरीदारों की बनी पसंद‘जिम्मेदारी से करें AI का इस्तेमाल, हर फैसले के लिए आप होंगे जवाबदेह’, RBI गवर्नर ने दी बैंकों को हिदायत

आईफोन से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को मिला बल, भारत एक पायदान ऊपर चढ़कर पांचवें स्थान पर पहुंचा

Advertisement

वाणिज्य विभाग के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात वित्त वर्ष 2022-23 के 23.6 डॉलर से करीब 24 प्रतिशत बढ़ा है। शीर्ष 10 श्रेणियों में इसका निर्यात सबसे तेजी से बढ़ा है।

Last Updated- April 18, 2024 | 11:11 PM IST
electronics component manufacturing scheme ECMS

देश से निर्यात होने वाले तमाम सामान में इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात एक पायदान ऊपर चढ़कर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। इसे मोबाइल फोन खासकर ऐपल के आईफोन निर्यात से सहारा मिला है। पिछले वित्त वर्ष में 29.1 अरब डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात हुआ व उसने 27.8 अरब डॉलर निर्यात वाले ड्रग्स एवं फार्मा को पछाड़ दिया।

इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात चौथे स्थान पर मौजूद कार्बनिक व अकार्बनिक रसायनों के निर्यात के करीब पहुंच गया है। 2023-24 में रसायनों का निर्यात 3 प्रतिशत घटकर 29.4 अरब डॉलर रह गया।

वाणिज्य विभाग के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात वित्त वर्ष 2022-23 के 23.6 डॉलर से करीब 24 प्रतिशत बढ़ा है। शीर्ष 10 श्रेणियों में इसका निर्यात सबसे तेजी से बढ़ा है।

इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में इजाफे की वजह सेलफोन हैं। इंडियन सेल्युलर ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के मुताबिक मोबाइल फोन का निर्यात 2022-23 की तुलना में करीब 38 प्रतिशत बढ़कर 15.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस तरह कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में इसकी हिस्सेदारी 53 प्रतिशत हो गई। 2022-23 में 11.1 अरब डॉलर के मोबाइल फोन का निर्यात हुआ था और कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में इसकी हिस्सेदारी 47 प्रतिशत थी।

मोबाइल निर्यात बढ़ने में प्रमुख भूमिका ऐपल के आईफोन की रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में 5 अरब डॉलर के निर्यात वाले आईफोन का निर्यात पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर 10 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि इसी दौरान देश से वाणिज्यिक निर्यात 2022-23 की तुलना में 3 प्रतिशत गिर गया।

वित्त वर्ष 2023 की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात 5.5 अरब डॉलर बढ़ा है, जिसमें 90 प्रतिशत योगदान आईफोन के निर्यात का है। भारत से इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के निर्यात में आईफोन की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत है।

इससे संकेत मिलता है कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना ने स्मार्टफोन उत्पादन बढ़ाने में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़ा है, जो 2019 से 2023 के बीच प्रमुख निर्यात वस्तुओं में सातवें स्थान पर था। मगर वित्त वर्ष 2024 में यह पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।

Advertisement
First Published - April 18, 2024 | 10:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement