facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

AI को लेकर भारतीयों में उत्साह, 77% का मानना कि AI गरीबी कम करने में होगी मददगार

82% को उम्मीद अगले 5 सालों में AI उनकी जिंदगी बदल देगी

Last Updated- February 13, 2024 | 6:43 PM IST
Artificial Intelligence

मंगलवार को एक रिपोर्ट से पता चला कि भारतीय अगले पांच सालों और उसके बाद अपने जीवन पर AI के अच्छे प्रभाव को लेकर सबसे अधिक आशावादी हैं।

कितने प्रतिशत भारतीय AI को अच्छा मानते हैं?

Google और Ipsos द्वारा किए गए एक सर्वे में पाया गया कि 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के 1,000 से अधिक भारतीय वयस्कों में से 82% उम्मीद करते हैं कि AI से उन्हें स्वास्थ्य, रोजगार और जटिल विषयों को समझने जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लाभ होगा। यह प्रतिशत वैश्विक औसत 54% से काफी अधिक है।

सर्वे में शामिल 70% से अधिक भारतीयों ने पहले ही AI के अच्छे प्रभाव को महसूस किया है, खासकर सूचना को एक्सेस करने में। इसके अतिरिक्त, अधिकांश भारतीयों को उम्मीद है कि AI अगले 25 सालों में जमीनी विकास को लेकर जो चुनौतियों उनका समाधान करेगी, 77% का मानना है कि इससे गरीबी कम होगी और 86% का कहना है कि इससे ट्रांसपोर्टेशन में वृद्धि होगी।

Also Read: भारत Smartphone हब बनने की राह पर: चीन, वियतनाम को पीछे छोड़ने के लिए करना होगा बस ये काम

गूगल इंडिया के कंट्री हेड और उपाध्यक्ष संजय गुप्ता ने भारत द्वारा AI प्रगति को अपनाने के बारे में उत्साह व्यक्त किया और बताया कि यह AI-संचालित कंपनी के रूप में उनके फोकस के लिए बढ़िया बात है। उन्होंने इप्सोस सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर प्रकाश डाला, इप्सोस सर्वेक्षण से पता चलता है कि भारतीयों को समावेशी आर्थिक विकास में योगदान के लिए AI से बहुत उम्मीदें हैं।

80% भारतीयों का मानना कि AI से उन्हें व्यक्तिगत रूप से लाभ होगा

भारतीयों का मानना है कि AI स्वास्थ्य, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, व्यक्तिगत शिक्षा, पहुंच और अंतरिक्ष अन्वेषण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वे नौकरियों पर AI के प्रभाव के बारे में भी आशावादी हैं, उनमें से 80% को उम्मीद है कि इससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से लाभ होगा।

इसी तरह की आशा सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के लोगों को भी है और एक सर्वे के जवाब में उन्होंने भी इसी तरह के जवाब दिए। इसके अतिरिक्त, अधिकांश भारतीयों (95%) ने अपने कार्यस्थलों में AI पर चर्चा की है, जबकि वैश्विक औसत 65% है।

Also Read: Eicher Motors FY24Q3 Results: Royal Enfield बेचने वाली कंपनी को हुआ 996 करोड़ रुपये का नेट मुनाफा

AI द्वारा नौकरियों और उद्योगों में लाए गए बदलाव पॉजिटिव होंगे

भारत में, 75% लोगों का मानना है कि अगले पांच सालों में AI द्वारा नौकरियों और उद्योगों में लाए गए बदलाव पॉजिटिव होंगे, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका में 29% और वैश्विक स्तर पर 52% लोग ऐसा मानते हैं।

इप्सोस के सीईओ बेन पेज ने “AI के साथ हमारा जीवन” स्टडी के लिए Google के साथ साझेदारी करने को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के बीच AI की क्षमता को पहचानने के महत्व पर प्रकाश डाला और इस बात पर जोर दिया कि AI कैसे डेटा विश्लेषण को बढ़ा सकता है और दुनिया में सकारात्मक योगदान दे सकता है।

गुप्ता ने कहा कि Google यह सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार और अन्य लोगों के साथ मिलकर काम करना चाहता है कि उनकी AI प्रगति से देश में सभी को लाभ हो।

First Published - February 13, 2024 | 6:43 PM IST

संबंधित पोस्ट