facebookmetapixel
Advertisement
बैंक ऑफ बड़ौदा में बड़ी सेंधमारी: 1TB डेटा डार्क वेब पर हुआ लीक, जांच में जुटी एजेंसियांHDFC Bank के बोर्ड ने अपने ही अधिकारियों पर की कार्रवाई, MD-CFO पर लगाया 1-1 लाख रुपये का जुर्मानासुप्रीम कोर्ट की दो टूक: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार मौलिक, आंदोलन के नाम पर पुलिस ज्यादती जायज नहींटाटा पावर का मुनाफा 11% बढ़ा, 2030 तक ट्रांसमिशन में ₹40,000 करोड़ निवेश की तैयारी में कंपनीCoal India Q1 Results: पहली तिमाही में मुनाफा लगभग स्थिर, पर आय में 8.4% की बढ़ोतरीआइकिया इंडिया साल 2030 तक चार गुना राजस्व करने की तैयारी में, 30 स्टोर खोलने का भी लक्ष्यविपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में पेश हुआ एंटी-पेपर लीक बिल, सजा और जुर्माने को बनाया गया और कठोरजल्द आ सकते हैं 10 और 20 रुपये के नए प्लास्टिक बैंक नोट, सरकार ने RBI को दी मंजूरीलोढ़ा डेवलपर्स डेटा सेंटर की जमीन बेचकर करेगी ₹10,000 करोड़ की कमाई, अगले 3-4 साल में बिक्री का लक्ष्यIndian Hotels Q1 Results: मजबूत घरेलू मांग के दम पर चमकी इंडियन होटल्स, राजस्व-मुनाफे में शानदार उछाल

AI को लेकर भारतीयों में उत्साह, 77% का मानना कि AI गरीबी कम करने में होगी मददगार

Advertisement

82% को उम्मीद अगले 5 सालों में AI उनकी जिंदगी बदल देगी

Last Updated- February 13, 2024 | 6:43 PM IST
Artificial Intelligence

मंगलवार को एक रिपोर्ट से पता चला कि भारतीय अगले पांच सालों और उसके बाद अपने जीवन पर AI के अच्छे प्रभाव को लेकर सबसे अधिक आशावादी हैं।

कितने प्रतिशत भारतीय AI को अच्छा मानते हैं?

Google और Ipsos द्वारा किए गए एक सर्वे में पाया गया कि 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के 1,000 से अधिक भारतीय वयस्कों में से 82% उम्मीद करते हैं कि AI से उन्हें स्वास्थ्य, रोजगार और जटिल विषयों को समझने जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लाभ होगा। यह प्रतिशत वैश्विक औसत 54% से काफी अधिक है।

सर्वे में शामिल 70% से अधिक भारतीयों ने पहले ही AI के अच्छे प्रभाव को महसूस किया है, खासकर सूचना को एक्सेस करने में। इसके अतिरिक्त, अधिकांश भारतीयों को उम्मीद है कि AI अगले 25 सालों में जमीनी विकास को लेकर जो चुनौतियों उनका समाधान करेगी, 77% का मानना है कि इससे गरीबी कम होगी और 86% का कहना है कि इससे ट्रांसपोर्टेशन में वृद्धि होगी।

Also Read: भारत Smartphone हब बनने की राह पर: चीन, वियतनाम को पीछे छोड़ने के लिए करना होगा बस ये काम

गूगल इंडिया के कंट्री हेड और उपाध्यक्ष संजय गुप्ता ने भारत द्वारा AI प्रगति को अपनाने के बारे में उत्साह व्यक्त किया और बताया कि यह AI-संचालित कंपनी के रूप में उनके फोकस के लिए बढ़िया बात है। उन्होंने इप्सोस सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर प्रकाश डाला, इप्सोस सर्वेक्षण से पता चलता है कि भारतीयों को समावेशी आर्थिक विकास में योगदान के लिए AI से बहुत उम्मीदें हैं।

80% भारतीयों का मानना कि AI से उन्हें व्यक्तिगत रूप से लाभ होगा

भारतीयों का मानना है कि AI स्वास्थ्य, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, व्यक्तिगत शिक्षा, पहुंच और अंतरिक्ष अन्वेषण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वे नौकरियों पर AI के प्रभाव के बारे में भी आशावादी हैं, उनमें से 80% को उम्मीद है कि इससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से लाभ होगा।

इसी तरह की आशा सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के लोगों को भी है और एक सर्वे के जवाब में उन्होंने भी इसी तरह के जवाब दिए। इसके अतिरिक्त, अधिकांश भारतीयों (95%) ने अपने कार्यस्थलों में AI पर चर्चा की है, जबकि वैश्विक औसत 65% है।

Also Read: Eicher Motors FY24Q3 Results: Royal Enfield बेचने वाली कंपनी को हुआ 996 करोड़ रुपये का नेट मुनाफा

AI द्वारा नौकरियों और उद्योगों में लाए गए बदलाव पॉजिटिव होंगे

भारत में, 75% लोगों का मानना है कि अगले पांच सालों में AI द्वारा नौकरियों और उद्योगों में लाए गए बदलाव पॉजिटिव होंगे, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका में 29% और वैश्विक स्तर पर 52% लोग ऐसा मानते हैं।

इप्सोस के सीईओ बेन पेज ने “AI के साथ हमारा जीवन” स्टडी के लिए Google के साथ साझेदारी करने को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के बीच AI की क्षमता को पहचानने के महत्व पर प्रकाश डाला और इस बात पर जोर दिया कि AI कैसे डेटा विश्लेषण को बढ़ा सकता है और दुनिया में सकारात्मक योगदान दे सकता है।

गुप्ता ने कहा कि Google यह सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार और अन्य लोगों के साथ मिलकर काम करना चाहता है कि उनकी AI प्रगति से देश में सभी को लाभ हो।

Advertisement
First Published - February 13, 2024 | 6:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement