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क्या AI भी बूढ़ा हो सकता है? नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

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AI भी भूलने लगा? नई रिसर्च में सामने आई हैरान करने वाली सच्चाई!

Last Updated- February 18, 2025 | 3:34 PM IST
AI

आजकल चैटबॉट और बड़े भाषा मॉडल (LLM) हर सवाल का जवाब दे रहे हैं। चाहे कोडिंग की उलझन हो या मेडिकल डायग्नोसिस की पेचीदगी। लेकिन क्या होगा अगर AI भी इंसानों की तरह बूढ़ा होने लगे? दिसंबर 2024 में BMJ जर्नल में छपी एक स्टडी में ऐसा ही चौंकाने वाला दावा किया गया है। रिसर्च के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी समय के साथ कमजोर हो सकता है, जैसे इंसानों का दिमाग उम्र के साथ धीमा होने लगता है।

कैसे पता चला AI की याददाश्त हो रही है कमजोर?

शोधकर्ताओं ने ChatGPT-4, ChatGPT-4o (OpenAI), Claude 3.5 (Anthropic) और Gemini 1.0 व 1.5 (Alphabet) जैसे टॉप AI मॉडल्स की मानसिक क्षमता (cognitive abilities) का टेस्ट किया। इसके लिए Montreal Cognitive Assessment (MoCA) नाम का मशहूर टेस्ट अपनाया गया, जो इंसानों में डिमेंशिया और मानसिक गिरावट को पकड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

नतीजे हैरान करने वाले थे:

  • ChatGPT-4o ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और 26/30 स्कोर किए।
  • ChatGPT-4 और Claude ने 25/30 अंक हासिल किए।
  • Gemini 1.0 का हाल सबसे खराब था, इसे सिर्फ 16/30 नंबर मिले।

MoCA टेस्ट में AI कैसे हुआ फेल?

MoCA टेस्ट में कई टास्क होते हैं, जैसे:

  • ध्यान और प्रतिक्रिया – इंसानों को यह टेस्ट में तब टैप करना होता है, जब उन्हें ‘A’ अक्षर सुनाई दे। AI को यह टास्क लिखित में दिया गया, और उनसे ‘A’ को मार्क करने को कहा गया।
  • याददाश्त (Memory Test) – पांच शब्दों को याद रखना और बाद में दोहराना। Gemini मॉडल्स यह टास्क पूरी तरह भूल गए।
  • घड़ी बनाना (Clock Drawing Test) – एक घड़ी की ड्राइंग बनाकर सही समय दिखाना, जो AI के लिए असंभव साबित हुआ।
  • संख्याएं जोड़ना (Trail Making Test) – दी गई संख्या और अक्षरों को सही क्रम में जोड़ना, जो AI मॉडल्स के लिए सिरदर्द बन गया।

क्या AI को भी लग सकता है ‘डिमेंशिया’?

स्टडी में बताया गया कि AI की ये मानसिक कमज़ोरियां ‘posterior cortical atrophy’ नामक अल्जाइमर के एक प्रकार से मिलती-जुलती हैं। मतलब, जैसे उम्र के साथ इंसानों का दिमाग कमजोर होता है, वैसे ही AI मॉडल्स भी धीरे-धीरे आउटडेटेड हो सकते हैं।

तो क्या AI डॉक्टरों की जगह ले सकता है?

स्टडी में साफ कहा गया कि AI से डॉक्टरों की नौकरी जाने वाली अफवाहें फिलहाल फिजूल हैं। रिसर्चर्स का मानना है कि मेडिकल फील्ड में AI पर पूरी तरह भरोसा करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसकी मानसिक सीमाएं इसे इंसानी दिमाग जितना परफेक्ट नहीं बनने देंगी।

हालांकि, वैज्ञानिक मानते हैं कि भविष्य में AI और स्मार्ट हो सकता है, लेकिन इंसानों जैसी समझ शायद ही कभी हासिल कर पाएगा।

तो क्या वाकई AI ‘बूढ़ा’ हो सकता है?

आखिर में रिसर्चर्स ने एक जरूरी बात कही, AI में ‘मानसिक गिरावट’ कहना सिर्फ एक मजाकिया metaphor है, सच में इसका दिमाग खराब नहीं हो सकता। लेकिन हां, समय के साथ यह पुराने वर्जन्स की तरह धीमा और कम भरोसेमंद जरूर हो सकता है।

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First Published - February 17, 2025 | 10:59 PM IST

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