लंबे समय तक दरों का संकेत नहीं 10 वर्षीय बॉन्ड
चूंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 10 वर्षीय बॉन्ड का संग्रह लगातार कर रहा है, इसलिए बाजार में प्रतिभूति की किल्लत कुछ विशेष चुनौतियों को बढ़ावा दे रही है। डीलरों का कहना है कि यह बहुत ज्यादा कारोबार वाली प्रतिभूति नहीं है, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि 10 वर्षीय बॉन्ड लंबे समय तक अर्थव्यवस्था के लिए […]
आखिर बॉन्ड बाजार को गुस्सा क्यों आता है?
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन बॉन्ड बाजार को अपने निर्णय से प्रभावित नहीं कर पाई। विभिन्न परिपक्वता वाली सरकारी बॉन्ड की कीमतें लुढ़क गईं और प्रतिफल उछलने लगे। यह सिलसिला तब तक जारी रहा जब तक आरबीआई ने 5 और 10 वर्षों […]
सरकारी बॉन्डों में कम ही होगी छोटे निवेशकों की रुचि
एक बड़े ढांचागत सुधार के तहत अब छोटे निवेशक सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) या बॉन्ड बाजार में भागीदारी के लिए आरबीआई के साथ प्रत्यक्ष रूप से खाता खोलने में सक्षम होंगे। आरबीआई ने सरकारी उधारी कार्यक्रम के आसान प्रबंधन के लिए निवेशक आधार व्यापक बनाने के लिए यह कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक की इस पहल […]
एनबीएफसी की प्रतिभूतियों में म्युचुअल फंडों का हिस्सा घटा
एनबीएफसी की वाणिज्यिक प्रतिभूतियोंं में म्युचुअल फंडों के निवेश की हिस्सेदारी सितंबर 2020 में डेट एयूएम का 3.2 फीसदी रह गया। सितंबर 2018 में यह आंकड़ा 9.5 फीसदी था, जो 6.3 फीसदी की गिरावट दर्शाता है। यह जानकारी केयर रेटिंग्स की रिपोर्ट से मिली। सितंबर में माह दर माह के आधार पर एनबीएफसी की वाणिज्यिक […]
प्रतिभूतियों की धोखाधड़ी ही है कंपनी की धोखाधड़ी
इसे सामने आने में 28 वर्षों का बहुत लंबा वक्त लगा है लेकिन अब यह आ चुका है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने धोखाधड़ी एवं अनुचित व्यापार कार्य प्रणालियों के नियमन में संशोधन कर सूचीबद्ध कंपनियों के खाते में जालसाजी को भी एक कपटपूर्ण कृत्य घोषित कर दिया है। नियमों में संशोधन कर […]
आरबीआई के ओएमओ को मिली 5 गुना बोली
इस वित्त वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक के पहले आउटराइट ओपन मार्केट ऑपरेशन (ओएमओ) को 20,000 करोड़ रुपये के पेशकश के मुकाबले 5 गुने से ज्यादा की बोली मिली है। केंद्रीय बैंक को 1,13,654 करोड़ रुपये की बोली मिली और उसने चार प्रतिभूतियों की 20,000 करोड़ रुपये की बोली स्वीकार कर ली। इस वित्त वर्ष […]
डेट निवेश सुरक्षित बनाने के तरीके तलाश रहे अमीर निवेशक
एचएनआई यानी अमीर निवेशक यह सुनिश्चित करने के नए तरीके तलाश रहे हैं कि उन्हें बड़ी तादाद में डेट से संबंधित कोष उगाही के बीच अपना पैसा वापस मिल सके। इस घटनाक्रम से अवगत एक अधिकारी ने कहा कि ये निवेशक कुछ खास परिसंपत्तियों से प्राप्त नकदी पर नियंत्रण बढ़ा रहे हैं। यह ऐसे समय […]
मल्टीकैप फंडों की परिभाषा में बदलाव
बाजार नियामक सेबी ने म्युचुअल फंडों की तरफ से पेश की जाने वाली मल्टीकैप योजनाओं के परिभाषा में बदलाव किया है। नियामक ने इक्विटी व इक्विटी से संबंधित प्रतिभूतियों में निवेश की न्यूनतम सीमा फंड के कुल कोष का 65 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा अनिवार्य किया गया है कि […]
एकु्रअल फंडों पर फंड प्रबंधकों की नजर
भले ही संक्षिप्त अवधि के डेट फंड निवेशकों के बीच लोकप्रिय बने हुए हैं, लेकिन फंड प्रबंधक अब ऊंचे प्रतिफल की तलाश में अपना ध्यान धीरे धीरे एक्रुअल फंडों पर केंद्रित कर रहे हैं। एक्रुअल फंड ऐसी कंपनियों में निवेश करते हैं जिनकी क्रेडिट रेटिंग कम होती है, और ये फंड इस रेटिंग में सुधार […]
खुदरा कर्ज से मासिक संग्रह में सुधार: क्रिसिल
क्रिसिल के मुताबिक माइक्रोफाइनैंस, वाणिज्यिक वाहन, मार्गेज जैसे प्रतिभूति वाले खुदरा कर्ज का मासिक संग्रह अनुपात 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा है, जो अप्रैल 2020 में कई मदों में शून्य प्रतिशत के करीब पहुंच गया था। माध्य मासिक संग्रह अनुपात समय पूर्व भुगतान को छोड़कर मॉरिटोरियम के पहले की मासिक बिलिंग के अनुपात का प्रतिशत […]