स्थानीय लोगों को इस शव के बारे में पार्क के अगोरातोली रेंज के बाहरी हिस्से में पता चला और उन्होंने अधिकारियों को इसके बारे में सूचित किया।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों ने कहा कि इस बात का संदेह है कि यह हथिनी तीन चार दिन पहले अन्य हाथियों के साथ हुई लड़ाई में घायल हो गयी और विश्व विरास्त स्थल के बाहरी हिस्से तक भटककर चली गयी थी।
वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि घाव से रक्त निकलने के कारण बाघ इसका कुछ मांस काटकर खा गये जिससे हथिनी की मौत हुई।
उन्होंने बताया कि बाघों द्वारा हथिनी का मांस खाये जाने के सबूत उसके शरीर पर शेर के दांतों के निशान और जमीन पर उसके पंजों के निशान के कारण मिले हैं।
भाषा