थोडुपुझा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस मामले पर विचार करते हुए जोसफ को कल इस मामले से बरी कर दिया और साथ ही उनकी वह अपील भी स्वीकार कर ली जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने बिना किसी गलत मंशा के स्नातक कोर्स के प्रश्नपत्र को तैयार किया था।
थोडुपुझा में न्यूमैन कालेज में मलयालम साहित्य के पूर्व व्याख्याता जोसफ पर कथित रूप से एक कट्टरपंथी संगठन के कार्यकर्ताओं ने पांच जुलाई 2010 को हमला किया था और उनका दाहिना हाथ काट दिया था। उस समय वह अपने परिजनों के साथ चर्च जा रहे थे ।
हमलावरों ने उन्हें बताया था कि उन्हें द्वितीय वर्ष के स्नातक छात्रों के लिए तैयार किए गए प्रश्नपत्र में एक सवाल को लेकर सजा दी गयी है । हाथ काटने के मामले की जंाच एनआईए द्वारा की जा रही है और इस मामले में जांच जारी है ।
व्यापक पैमाने पर इस घटना की निंदा किए जाने के बावजूद कालेज प्रबंधन ने जोसफ को नौकरी से निकाल दिया था। इस फैसले को चुनौती देती उनकी याचिका विश्वविद्यालय अपील पंचाट के समक्ष लंबित है ।
जोसफ ने संपर्क करने पर बताया कि वह इस समय अपने इस खौफनाक अनुभव पर किताब लिख रहे हैं । उन्होंने बताया कि लंबित मामले के निपटारे के बाद किताब प्रकाशित की जाएगी।
भाषा नरेश