Tata Steel Q3 Results: तीसरी तिमाही में मुनाफा 7 गुना उछला, ₹2,688 करोड़ के पार पहुंचा लाभरिकवरी कॉल्स से परेशान हैं? RBI ने सुन ली आपकी शिकायतShare Market: RBI Policy के बाद शेयर बाजार उछला, जानिए किस सेक्टर ने मारी बाजीBudget 2026 MSME सेक्टर के लिए गेम चेंजर रहा? जानें इसमें ऐसा क्या है और इसपर एक्सपर्ट क्या सोचते हैंRBI नए नियमों के जरिए कैसे भारतीयों के लिए बैंकिंग को आसान बनाने की कोशिश कैसे कर रहा है?योगी का बैंकरों को निर्देश: किसानों को आसान शर्तों पर दें कर्ज, FPO, MSME जुड़े लोगों का भी करें सहयोगरिजर्व बैंक ने क्यों ​स्थिर रखीं ब्याज दरें, आम लोगों पर क्या असर होगा?Market This Week: यूएस ट्रेड डील से बाजार को मिला सहारा, सेंसेक्स-निफ्टी 1.5% चढ़े; निवेशकों की दौलत ₹7.23 लाख करोड़ बढ़ीलिस्टेड कंपनियों ने अनलिस्टेड को कॉरपोरेट टैक्स में पछाड़ाचांदी के भाव में ऐतिहासिक गिरावट: 1980 और 2011 जैसे क्रैश की आहट, क्या और गिरेंगे दाम?
'

PTI

- October,28 2013 6:23 PM IST

जालंधर, 28 अक्तूबर : भाषा : भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के जरिए रिश्तों केा और मजबूत करने की वकालत करते हुए पाकिस्तान के पूर्व कार्यवाहक राष्ट्रपति ने आज यहां कहा कि वह यहां अपने पूर्वजों का घर देखने आये हैं और सियासी बात करने का समय नहीं है । अगली बार वह जब कभी सरकारी दौरे पर आयेंगे तो सियासी बातें करेंगे ।

भारत के निजी दौरे पर आये पाक के पूर्व कार्यवाहक राष्ट्रपति वसीम सज्जाद अपने जन्मस्थान तथा नाना के घर की खोज में जालंधर आये थे । यहां आने पर जालंधर जिला बार एसोसिएशन ने उनका स्वागत किया और वह जालंधर के सुराजगंज इलाके में स्थित अपने पूर्वजों का घर देखने गए । जिस मकान मंे उनका बचपन बीता था अब वह टूट रहा है और खंडहर बन चुका है ।

इससे पहले वसीम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, अभी मैं निजी दौरे पर अपने नाना के मकान की खोज में आया हूं । फिलहाल मेरा ध्यान अपने लक्ष्य पर केंद्रित है । अभी मैं कोई सियासी बातचीत नहीं करूंगा । अगली बार जब कभी मैं आधिकारिक यात्रा पर यहां आउंगा तब सियासी बातें होंगी ।

भारत पाकिस्तान सीमा पर संघर्ष विराम , पाकिस्तानी सेना के हमलों, भारतीय सैनिकों का सिर काटने की घटना तथा मौजूदा शासन मंे बार बार संघर्ष विराम का उल्लंघन तथा सीमा पार से घुसपैठ की बाबत पूर्व राष्ट्रपति से सवाल किये गये थे ।

वसीम ने कहा, मेरी समझ से दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत होनी चाहिए । यह बातचीत के जरिए ही संभव है । मेरा मानना है कि दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली दोनों मुल्कों के हित में है और इसे मजबूत करना आवश्यक है ।

जारी भाषा रंजन

संबंधित पोस्ट

Oil Price Surge
अंतरराष्ट्रीय

‘वेनेजुएला हमारा पुराना ऊर्जा साझेदार’

February 6, 2026 9:22 AM IST