हड़ताली कर्मचारियों ने मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अपील पर कार्यालयों में तालाबंदी और आपातकालीन सेवाओं को ठप्प करने का आज से प्रस्तावित कार्यक्रम सरकार से 29 अक्टूबर को होने वाली वार्ता के मद्देनजर अगले दो दिन के लिये स्थगित कर दिया।
प्रदेश भर के दो लाख से ज्यादा आंदोलनरत कर्मचारियों के संगठन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह ने कहा कि मांगों के संबंध में शासनादेश जारी न होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
सिंह ने कहा कि पूर्व में सरकार के साथ हुई बैठकों में उनकी मांगों के प्रति अधिकारियों द्वारा सहमति व्यक्त की गयी थी लेकिन जब तक इस संबंध में शासनादेश नहीं जारी हो जाता, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं की जायेगी।
प्रदेश के विभिन्न विभागों के कर्मचारी सेवाकाल में तीन अनिवार्य पदोन्नति या पदोन्नत वेतनमान का लाभ देने और सचिवालय के कर्मचारियों की भांति 2800 रूपये के ग्रेड पे को 4200 रूपये किये जाने सहित कई मांगों को लेकर गत 17 अक्टूबर से बेमियादी हड़ताल पर हैं जिससे सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है।