पंजाब प्रांत के फैसलाबाद जिले के जिला एवं सत्र न्यायाधीश चौधरी खलीकुज जमान ने कल दो भाइयों के खिलाफ मौत का वारंट जारी किया और फांसी के लिए 23 अक्तूबर की तारीख निश्चित की।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने वर्ष 2009 में दोनों भाइयों अब्दुल वहीद खान और अब्दुल रहमान खान को मौत की सजा सुनायी थी । सर्वोच्च न्यायालय ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए दोनों की दया याचिका को खारिज कर दिया।
केन्द्र की पीएमएल-एन सरकार ने हाल ही में घोषणा की कि वह पूर्ववर्ती पीपीपी सरकार द्वारा फांसी की सजा पर लगाई गई रोक को जारी रखने की मंशा रखती है ।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता उमर हमीद खान ने कहा, जब तक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और राष्ट्रपति ममनून हुसैन इस मुद्दे की समीक्षा के लिए मिल नहीं लेते तब तक पाकिस्तान मौत की सजा पर रोक जारी रखेगा ।