पहले पूर्वोत्तर स्वच्छ प्रौद्योगिकी सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर संगमा ने कहा, ै केवल जीवाश्म ईंधन को जलाने और जलवायु के मुद्दों को संबोधित किये बगैर उर्जा का उत्पादन के कारण पर्यावरण का अवनयन होगा इसलिए स्वच्छ प्रौद्योगिकी को अपनाने के रास्तों की शिनाख्त करनी होगी और हरित उर्जा उत्पादन करना होगा। ै
उन्होंने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण है कि उर्जा का उत्पादन करते समय जलवायु परिवर्तन के मुद्दों को संबोधित किया गया और अरणाचल प्रदेश और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में वायु मानचित्र को तैयार किया जा सकता है एवं इसका उपयोग कर पवन उर्जा का दोहन किया जा सकता है।
भाषा राजेश महावीर