जेएसडब्ल्यू स्टील के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने पीएमओ में संयुक्त सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम को लिखे पत्र में कहा है कि खान मंत्रालय ने महाराष्ट्र में 18 मई, 2012 को दामकोदवादवी लौह अयस्क खान के पट्टे के लिये अपनी मंजूरी दे दी थी।
उन्होंने 5 अगस्त को लिखे पत्र में कहा है कि लेकिन एनएमडीआर विधेयक लंबित होने के कारण महाराष्ट्र सरकार रचि पत्र जारी नहीं की है।
मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय से हस्तक्षेप की मांग करते हुए जिंदल ने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में अन्य खदानें हैं। इन खदानों के बारे में विस्तार से पता लगाने के लिये उसे आवंटित किये जाने या संभाव्य :प्रोस्पेक्टिंग: लाइसेंस देने की जरूरत है।
निजी क्षेत्र की इस्पात बनाने वाली प्रमुख कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील की क्षमता 1.43 करोड़ टन है।
जिंदल ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा अप्रैल में खनन पर प्रतिबंध हटाये जाने के बावजूद कर्नाटक में लौह अयस्क उत्पादन का काम स्थिर नहीं हो पाया है। पत्र में पीएमओ से विशेष समिति गठित करने का अनुरोध किया गया है जो इस संदर्भ में प्रगति की समीक्षा कर सके और नियामकीय मंजूरी हासिल करने में बाधाओं को दूर कर सके।
भाषा