भारत में प्रस्तावित नए प्रस्तावों को लेकर व्यक्त की जा रही चिंताआंे के बीच मारीशस ने आज कहा कि किसी घरेलू कानून दोनों देशों के बीच बीच दोहरा कराधान से बचाव की संधि दरकिनार नहीं होनी चाहिए।
मारीशस के विदेश मंत्री अरविन बुलेल ने यहां कहा, हम उम्मीद करते हैं किइस संधि में एक बार लाभ की सीमा का उपबंध जोड़ दिया जाएगा तो संधि प्रभावी रहेगी और किसी घरेलू काूनन से इसे दबाया नहीं जाएगा।
भारत में विदेशी निवेश का बड़ा हिस्सा मारीशस के जरिए आता है और
कंपनियां द्विपक्षीय कर संधि की ओट में कर से बचने के उपाय करती है। भारत सरकार ने कर संधि का दुरुपयोग रोकने के लिए सामान्य कर परिवर्जन..रोधी नियम लाने की तैयारी की है।
बुलेल ने कहा कि मारीशस भारत के साथ दोहरा कराधान बचाव संधि से जुड़े सभी मुद्दों को हल करने का इच्छुक है।
उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों का संयुक्त कार्य समूह कर संधि को लेकर मतभेदों को दूर करने के लिए 22..24 अगस्त को बैठक करेगा। संधि के तहत मारीशस में शून्य पूंजीगत लाभ कर बना रहेगा। उन्होंने कहा कि संधि की धारा 13 :पूंजीगत लाभ पर कर संबंधी प्रावधान: को छूया नहीं जा सकता।
दोहरे कराधान से बचाव की संधि की धारा 13 के तहत भारत में निवेश करने वाली मारीशस की कंपनी को इस संधि के तहत भारत में पूंजीगत लाभ कर से छूट मिली हुई है। हालांकि कंपनियां कर भुगतान से बचने के लिए इस उपबंध का दुरुपयोग कर रही हैं क्यांे कि मारीशस अपने यहां कंपनियों से पूंजीगत लाभ कर नहीं लेता।
भाषा