डालर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गयी और स्थानीय मुद्रा का भाव 48 पैसे टूट कर 54.97 प्रति डालर पर बंद हुआ।
बाजार के जानकार लोगों के अनुसार अमेरिकी डालर की आपूर्ति अच्छी थी पर आयातकों की ओर से उसकी मांग बढने से रुपए पर दबाव बढ गया था। यूरोपीय केद्रीय बैंक :ईसीबी: द्वारा आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए नीतिगत ब्याज दर में कटौती किए जाने की उम्मीद से डालर को मजबूती मिली।
अंतर बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में सुबह रुपए तेज गिरावट के साथ 54.80 पर खुला और अंत तक दबाव में रहा। कल बंद के समय डालर का भाव 54.49 था।
कारोबार के दौरान स्थानीय मुद्रा 55.23 तक डूब गयी थी पर इसके कुछ सुधार हुआ और अंत में दर 54.97 रुपए प्रति डालर पर टिकी। यह कल की तुलना में 48 पैसे या 0.88 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश ने स्थानीय मुद्रा को बड़ी गिरावट के बचा लिया। बाजार के लोगों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने आज शेयर बाजार में 430 करोड़ रुपए का निवेश किया।
आईडीबीआई ट्रेजरी के प्रमुख एनएस वेंकटेश ने कहा कि तेल आयतकों की ओर से डालर की मांग बढने और यूरो के समक्ष डालर की तेजी के चलते रुपए में गिरावट आयी।
भारतीय बाजार बंद होने के बाद ईसीबी ने कर्ज के लिए अपनी प्रमुख ब्याज दर घटा कर 0.70 प्रतिशत तथा जमा दर शून्य प्रतिशत करने की घोषणा की।
रिजर्व बैंक ने आज के कारोबार के लिए संदर्भ दर 55.0250 रुपए प्रति डालर और 68.9660 रुपए प्रति यूरो तय की थी।
आज पौंड का भाव 85.28 से बढ कर 85.71 और यूरो 68.50 से बढ कर 68.76 रुपए के भाव पर पहुंच गया।
वायदा बाजार में डालर पर प्रीमियम की दरंे नरम रही क्योंकि निर्यातकों की ओर से डालार की आपूर्ति बनी हुई है। डालर दिसंबर डीलीवरी के सौदों पर प्रीमियम घट कर 167-168 पैसे पर आ गया। कल बंद के समय प्रीमियम दर 173-175 पैसे थी।
भाषा