हालांकि, भारत 31 मार्च, 2014 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में ईरान से कच्चे तेल का आयात 15 फीसद घटाकर 1.1 करोड़ टन करने की अपनी योजना पर टिका हुआ, क्योंकि पश्चिम के आर्थिक प्रतिबंधांे पर ढील मंे खरीदारी बढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई है।
अमेरिका व दुनिया की पांच बड़ी ताकतांे ने कल ईरान के साथ समझौता किया है जिसमें ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधांे मंे ढील देने का फैसला किया गया।
पेट्रोलियम मंत्रालय और पेट्रोलियम कंपनियांे के अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधांे पर ढील से ईरानी तेल के लिए यूरो मार्ग से भुगतान का रास्ता फिर खुल गया है। इसके अलावा यूरोपीय संघ ने ईरान से तेल लेकर आने वाले टैंकरांे का बीमा करने पर लगाये गये प्रतिबंध को भी उठाया है।
एक अधिकारी ने कहा, समझौते के बारे मंे हमारी समझ यह है कि भुगतान का चैनल अब खुल गया है। अब हम ईरानी अधिकारियांे के साथ बैठकर इस बात पर विचार विमर्श करेंगे कि किस बैंक या देश के माध्यम से यह भुगतान किया जा सकता है।
जारी भाषा अजय
नननन