प्रिया ने कहा, सरकारी एजेंसियों द्वारा एक महिला की कथित गैर कानूनी जासूसी पर मोदी की चुप्पी को समझ पाना मुश्किल है। विभिन्न महिला संगठनांे की मांग के बावजूद उन्होंने अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ी?
यहां वह कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रशिक्षण शिविर में शरीक होने आई थी।
प्रिया ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश को मामले की जांच करनी चाहिए। गुजरात सरकार को खुद जांच शुरू करनी चाहिए।
उन्होंने तहलका के संपादक तरूण तेजपाल द्वारा एक महिला सहकर्मी के कथित यौन उत्पीड़न की भी निंदा की और गोवा पुलिस की जांच का स्वागत किया।
उन्होंने सोशल मीडिया के बारे में कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में यह एक अहम भूमिका निभाएगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या इसे आचार संहिता के दायरे में लाया जाना चाहिए, सांसद ने कहा कि यह संभव नहीं है।