विभिन्न राजनीतिक दलांे के कई सांसदांे ने वायु यातायात अधिकार के विस्तार पर आपत्ति जताई है। इसके बाद ही जेट-एतिहाद के बीच 2,058 करोड़ रपये का करार हुआ है जिसके तहत अबू धाबी की कंपनी जेट मंंे 24 फीसद हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।
सांसदांे की आपत्ति के बाद पीएमओ ने बयान जारी कर मीडिया की इन खबरांे का खंडन किया था कि सरकार के भीतर इस मसले पर मतभेद हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने इससे पहले यह भी स्पष्ट किया था कि नागर विमानन मंत्रालय द्वारा एएसए पर मंजूरी मांगे जाने के बाद पीएमओ ने इस बारे मंे वित्त सहित विभिन्न मंत्रालयांे के बीच विचार विमर्श का निर्देश दिया था। इसके बाद नागर विमानन मंत्रालय ने एएसए के संशोधन के लिए सहमति ग्यापन :एमओयू: पर दस्तखत को मंजूरी दे दी थी। पीएमओ ने यह भी निर्देश दिया था कि इस मुद्दे को मंत्रिमंडल के समक्ष मंजूरी के लिए लाया जाए।