नयी दिल्ली, 29 अक्तूबर :भाषा: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 2जी स्पेेक्ट्रम आवंटन मामले में क्लीन चिट देेने वाली संयुक्त संसदीय समिति :जेपीसी: की विवादास्पद रिपोर्ट आज लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को सौंप दी गई।
इस रिपोर्ट पर 6 राजनीतिक दलों ने असहमति नोट पेश किए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने प्रधानमंत्री को गुमराह किया और यह भी कि कैग :भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक: ने इस मामले में जो 1.76 लाख करोड़ रूपए के नुकसान का अनुमान लगाया है वह गलत कल्पना है।
जेपीसी अध्यक्ष पी सी चाको ने असहमति नोट के साथ समिति की रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को उनके निवास पर जाकर सौंपी। असहमति नोट में इस रिपोर्ट को अंतर्विरोधों का पुलिंदा बताया गया है।
वर्ष 1998 से 2009 की अवधि के बीच 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन के बारे में मीरा कुमार को सौंपी गई यह रिपोर्ट संसद के शीतकालीन सत्र में सदन पटल पर रखी जाएगी। यह सत्र दिसंबर के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है।
समझा जाता है कि चाको ने अध्यक्ष की अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 6 में 5 असहमति नोट् को संपादित करके उनकी भाषा बदली है। उनके अनुसार उन शब्दों को बदला गया है जो असंसदीय थे।
संसद में यह रिपोर्ट 6 दलों के सदस्यों के असहमति नोट के साथ पेश की जाएगी।
समिति के भाजपा के 5, बीजद, तृणमूल कांग्रेस, भाकपा, माकपा, अन्नाद्रमुक और द्रमुक के एक एक सदस्यों ने रिपोर्ट के खिलाफ वोट : रिपीट ... वोट : दिए थे। भाजपा के गोपीनाथ मुंडे बैठक में उपस्थित नहीं थे।
जारी भाषा जलीस अमृत