मोदी ने कहा कि हम गांववालों के शहरों की ओर जाने के बारे में चिंताएं व्यक्त करते रहते हैं। लेकिन अगर हम पहले दिन से सच स्वीकार करते तो क्या होता? इसे चुनौती के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसे मजबूती के रूप में क्यों नहीं समझा जाता? एक बार आप इसे अवसर की तरह देखते हैं, काम असरदार तरीके से हो सकता है और इसके अच्छे परिणाम होंगे।
मोदी ने कहा कि पुरानी मानसिकता कुछ बदल नहीं सकती क्यांेकि तेजी से हो रहा शहरीकरण वास्तविकता है।