facebookmetapixel
वेनेजुएला के तेल से खरबों कमाने के लिए अमेरिका को लगाने होंगे 100 अरब डॉलर, 2027 तक दिखेगा असर!स्वच्छ ऊर्जा से बढ़ी उपज, कोल्ड स्टोरेज ने बदला खेलBharat Coking Coal IPO: 9 जनवरी से खुलेगा 2026 का पहल आईपीओ, प्राइस बैंड तय; फटाफट चेक करें डिटेल्सउत्तर प्रदेश की चीनी मिलें एथनॉल, बायोगैस और विमानन ईंधन उत्पादन में आगे₹1,550 तक का टारगेट! PSU stock समेत इन दो शेयरों पर BUY की सलाहRBI MPC की नजर आर्थिक आंकड़ों पर, ब्याज दर में आगे की रणनीति पर फैसलाAdani Green के Q3 रिजल्ट की तारीख-समय तय, जानें बोर्ड मीटिंग और निवेशक कॉल की पूरी डिटेलStock Market Update: आईटी शेयरों पर दबाव से बाजार में कमजोरी, सेंसेक्स 110 अंक टूटा; निफ्टी 26300 के नीचे फिसलाTata Technologies Q3 रिजल्ट 2026: तारीख आ गई, इस दिन आएंगे तिमाही नतीजे2026 में भारतीय बैंकिंग पर आशावादी नजर, विदेशी निवेश और ऋण वृद्धि के संकेत

बैटरी सेंटर में निवेश करेगी ओला इलेक्ट्रिक

Last Updated- December 11, 2022 | 5:28 PM IST

ओला इलेक्ट्रिक बेंगलूरु में अपने बैटरी अनुसंधान एवं विकास केंद्र बैटरी इनोवेशन सेंटर (बीआईसी) में 50 करोड़ डॉलर यानी करीब 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। भवीश अग्रवाल के नेतृत्व वानी कंपनी ने आज यह खुलासा किया।
कंपनी ने एक बयान में कहा है कि बीआईसी दुनिया का सबसे बड़ा और आधुनिक बैटरी अनुसंधान एवं विकास केंद्र होगा जिसमें सेल अनुसंधान एवं विकास के सभी पहलुओं से संबंधित 165 से अधिक आधुनिक लैब उपकरण होंगे। इसमें बताया गया कि केंद्र में बैटरी पैक डिजाइन, फैब्रिकेशन और जांच की सभी क्षमताएं एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी। हालांकि कंपनी ने निवेश की समयावधि के बारे में कोई जानकारी नहीं दी लेकिन सूत्रों के अनुसार यह निवेश 3 से 5 साल में किया जाएगा।
सॉफ्टबैंक के निवेश वाली कंपनी ओला भारत में अब सीधे तौर पर एथर एनर्जी, हीरो इलेक्ट्रिक, बजाज, टीवीएस मोटर कंपनी, बाउंस और बूम मोटर्स जैसे इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। कंपनी इलेक्ट्रिक कार, मोटरसाइकिल, एसयूवी और रोबोटैक्सिस को लॉन्च करने की भी योजना बना रही है। ओला इलेक्ट्रिक के संस्थापक एवं सीईओ भवीश अग्रवाल ने कहा, ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी उच्च विकास वाला क्षेत्र है जहां काफी आरऐंडडी की जरूरत है।’
इस साल के आरंभ में ओला इलेक्ट्रिक ने टेकने प्राइवेट वेंचर्स, अलपाइन अपरचुनिटी फंड, एडलवाइस आदि से करीब 20 करोड़ डॉलर जुटाए थे। इस वित्त पोषण दौर के बाद कंपनी का मूल्यांकन बढ़कर 5 अरब डॉलर हो गया था। पहले उसका मूल्यांकन 3 अरब डॉलर था। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अब तक वाहन में आग लगने की महज एक घटना दर्ज की है। उसने कहा कि सरकार की शुरुआती जांच से बैटरी और बैटरी प्रबंधन प्रणालियों में खामियों पता चला है।

First Published - July 19, 2022 | 1:12 AM IST

संबंधित पोस्ट