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सीएनजी कारों संग फर्राटा भर रही मारुति

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:32 AM IST

मारुति सुजूकी इंडिया की सीएनजी कारों की बिक्री में हर महीने इजाफा हो रहा है। मारुति सुजूकी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी के बीच सीएनजी वाहनों की बिक्री चालू वित्त वर्ष में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती दिख रही है।
मारुति सुजूकी के सेल्स एवं मार्केटिंग के कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि सीएनजी नेटवर्क में सुधार और कई शहरों में सीएनजी उपलब्ध होने से इस तराह के कारों की बिक्री को दम मिल रहा है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 9 महीनों में 1,16,700 सीएनजी कारों की बिक्री की, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 27 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक 1.57 लाख सीएनजी कारों की बिक्री होने की उम्मीद है, जो पांच साल में सबसे ज्यादा होगा।
श्रीवास्तव ने कहा, ‘डीजल और पेट्रोल के दाम में अंतर कम होने से किफायती परिचालन लागत तलाशने वाले ग्राहकों के लिए सीएनजी बेहतर विकल्प बन रही है।’ दिल्ली में 9 फरवरी को सीएनजी की कीमत 46.60 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि पेट्रोल का दाम 87.30 रुपये और डीजल 77.48 रुपये प्रति लीटर था। सीएनजी से कार चलाने की लागत प्रति किलोमीटर 2.50 रुपये के आसपास आती है जबकि पेट्रोल और डीजल के मामले में प्रति किलोमीटर 4 से 5 रुपये आती है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम बढऩे से पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ रही है। देश में बिकने वाली हर दस सीएनजी कारों में से करीब 8 कारें मारुति की होती हैं। कंपनी के पास उतनी डीजल कारें नहीं हैं, जिसकी वजह से सीएनजी कंपनी के लिए मुफीद साबित हो रही है।
आईएचएस मार्किट में ऑटोमोटिव अनुमान के निदेशक पुनीत गुप्ता ने कहा कि बाजार में सीएनजी कारों की बिक्री में खासा इजाफा होगा क्योंकि हुंडई, टाटा मोटर्स और किया मोटर्स जैसी कंपनियां भी सीएनजी कारें लाने की तैयारी में हैं। लेकिन सीएनजी कारों की कुछ सीमाएं भी हैं। इसमें इंजन में ज्यादा घर्षण होता है और सिलिंडर के कारण वजन बढ़ जाता है और जगह की भी कमी होती है। गुप्ता ने कहा कि इन चीजों से समझौता करने वाले ही सीएनजी वाहन पसंद कर सकते हैं।
सीएनजी नेटवर्क के विस्तार से भी सीएनजी कारों की बिक्री बढ़ी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा है कि वाहनों को सीएनजी मुहैया कराने वाले सिटी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार 100 और जिलों में किया जाएगा। पीपीएसी के अनुसार दिसंबर तक देेश में करीब 2,543 सीएनजी स्टेशन थे। उद्योग सूत्रों के अनुसार 2021-22 के अंत तक इसकी संख्या बढ़कर 4,496 तक पहुंच सकती है।

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First Published - February 9, 2021 | 11:37 PM IST

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