facebookmetapixel
Advertisement
ब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में भारत के सरकारी बॉन्ड की एंट्री फिर टली, निवेशकों की बढ़ी चिंतागिफ्ट सिटी में ग्लोबल शेयरों की ट्रेडिंग हुई दोगुनी, पहली तिमाही में ₹1.93 अरब डॉलर पहुंचा ट्रेडभारत का R&D खर्च बढ़ा, लेकिन GDP के मुकाबले हिस्सेदारी सिर्फ 0.84%; चीन और ब्राजील से पीछेइलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार ने बनाया नया रिकॉर्ड, 7 महीनों में 10 लाख से ज्यादा EV बिके; TVS सबसे आगेPM मोदी की पोस्ट ब्लॉक होने पर बढ़ा विवाद, मेटा की ग्लोबल टीम से एल्गोरिदम पर होगी सख्त पूछताछकैबिनेट के बड़े फैसले: ‘पीएम सूर्य सरोवर’ योजना मंजूर, पीएम-किसान और खेलो इंडिया को 5 साल का विस्तारसरकार ने ‘समुद्र मंथन’ योजना को दी हरी झंडी, गहरे सागर में तेल-गैस खोज के लिए ₹84,084 करोड़ मंजूरIMD के अलर्ट से बढ़ी चिंता, मॉनसून के दूसरे चरण और अगस्त महीने में सामान्य से कम होगी बारिशबजाज फिनसर्व के Q1 नतीजे मजबूत, मुनाफा बढ़कर ₹6,297 करोड़ पहुंचा, एयूएम में भी बढ़ोतरीओडिशा में 5,600 मेगावॉट क्षमता के दो परमाणु संयंत्र लगाएगा अदाणी समूह, ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव

भविष्य के साधन होंगे ई-स्कूटर, फ्लाइंग कार

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 12:48 AM IST

ओला के चेयरमैन और ग्रुप सीईओ भवीश अग्रवाल ने गुरुवार को भविष्य की मोबिलिटी (न्यू मोबिलिटी) पर अपना विजन सामने रखा – इलेक्ट्रिक स्कूटर, कार से लेकर ड्रोन और फ्लाइंग कार। भारत में महज 2 फीसदी लोगों (3 करोड़) के पास चार पहिया वाहन है और सिर्फ 12 फीसदी यानी 16 करोड़ लोगों के पास दोपहिया। इसका मतलब यह है कि भारत के 100 करोड़ से ज्यादा लोग इस सिस्टम की मोबिलिटी यानी परिवहन के साधन का इस्तेमाल करते हैं। भाविश अग्रवाल ने कंपनी के ब्लॉग में ये बातें लिखी है।
न्यू मोबिलिटी सहजता से ऐसे साधन मुहैया कराकर इसे दुरुस्त कर रही है। ऐसे में साझेदारी वाले व व्यक्तिगत मोबिलिटी की भारत में काफी बढ़ोतरी होगी, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों का अहम योगदान होगा।
अग्रवाल ने कहा कि सॉफ्टबैक समर्थित ओला नया मोबिलिटी इकोसिस्टम बना रही है, जिसके केंद्र में ग्राहक हैं। नई व्यवस्था के तीन स्तंभों में न्यू मोबिलिटी सर्विसेज, एनर्जी व्हीकल्स और ऑटो रिटेल शामिल होंगे। एकीकृत ओला न्यू मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के हिस्से के तौर पर ये तीनों स्तंत्र एक दूसरे के प्रभाव बढ़ाएंगे।
आज ओला टैक्सी, ऑटो रिक्शा, दोपहिया आदि के जरिये 10 करोड़ लोगों को परिवहन का साधन मुहैया करा रही है। लेकिन यह भारत की महज 7 फीसदी आबादी है। अग्रवाल ने कहा, हम ओला ईवी  के जरिये 130 करोड़ लोगों के लिए मल्टी मॉडल मोबिलिटी लेकर आएंगे।
अग्रवाल ने कहा, परिचालन के लिहाज से इलेक्ट्रिक वाहन 80 फीसदी तक सस्ते हैं, ऐसे में ये सेवाएं जेब के लिहाज से और हर किसी के पहुंच में होंगी।
कंपनी ओला की सेवा वाले 150 शहरों में अपने मल्टी मॉडल को तेजी से अपनाते हुए देख रही है। चूंकि फर्म 500 शहरों तक विस्तार कर रही है और साझे वाली सेवाएं 50 करोड़ लोगों तक ले जाएगी, ऐसे में मल्टी मॉडल पेशकश में काफी इजाफा होगा।
अग्रवाल ने कहा, भारत में 40 फीसदी वायु प्रदूषण वाहनों से फैलता है। ऐसा तब है जब आज सिर्फ 15 फीसदी भारतीयों के पास वाहन है। यह संख्या काफी बढ़ेगी क्यों कि फर्म साझा व व्यक्तिगत मोबिलिटी के और सस्ते विकल्प मुहैया करा रही है। ऐसे में हम इसे ईवी के जरिये अंजाम देंगे।
दुनिया की सबसे बड़ी दोपहिया फैक्टरी के जरिये कंपनी पहले ही इस मामले में आगे बढ़ चुकी है। वह कंपनी के स्कूटरों की पहली रेंज ओला एस-1 बना रही है। अग्रवाल ने कहा, आगामी तिमाहियों में हम अपने ईवी रेंज का विस्तार और स्कूटरों, बाइक्स व कारों के जरिए करेंगे।

Advertisement
First Published - September 23, 2021 | 11:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement