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ई-स्कूटरों में उठी लपटें तो ग्राहक खींचने लगे हाथ!

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Last Updated- December 11, 2022 | 7:47 PM IST

बैटरी से चलने वाले दोपहिया वाहन (ई-स्कूटर) लॉकडाउन के दौरान काफी तेजी से बिकने लगे थे मगर हाल ही में इन वाहनों में आग लगने की घटनाएं बढऩे के बाद इनकी मांग कम होती लग रही है। कुछ अरसा पहले इन वाहनों में दिलचस्पी दिखाने वाले भी अब इन्हें खरीदने से बच रहे हैं और जो बुकिंग करा चुके थे, वे उसे रद्द कराने पहुंच रहे हैं। इससे इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए कर्ज देने वाली कंपनियों का कहना है कि इनकी बुकिंग या पूछताछ में कमी आई है। डीलरों का कहना है कि वाहन खरीदने की सोच रहे लोगों की तादाद में 10 प्रतिशत की कमी आई है। शनिवार को ओकीनावा ऑटोटेक ने बैटरी से जुड़ी किसी खामी जैसे ढीले तार या किसी खराबी की जांच करने और उसे दुरुस्त करने के लिए बाजार से अपने 3,215 स्कूटर वापस लेने की घोषणा की। ओकीनावा ऑटोटेक, ओला एस 1 प्रो, ईवी प्योर और जितेंद्र ईवी के स्कूटरों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं।
इन वाहनों के लिए ऋण देने वाली एक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘ओकीनावा ऑटोटेक, ओला एस1 प्रो और ईवी प्योर सहित अधिकतर दोपहिया कंपनियों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बुकिंग और उनके बारे में पूछताछ कम हुई है।’
इस बीच आग की लपटों के साथ ई-स्कूटरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब चल रहीं हैं, जिससे ई-स्कूटर के मालिक भी संशकित हैं। ग्रेटर नोएडा निवासी ओकीनावा आईप्रेेज मॉडल के मालिक अवनीश कुमार ने कहा, ‘यह वाकई डरावनी है। मैं खुद को खुशकिस्मत समझता हूं कि मुझे सर्विस की गुणवत्ता के अलावा और किसी गंभीर समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। कुमार ने दो साल पहले ई-स्कूटर खरीदा था जिसे वह 35,000 किलोमीटर चला चुके हैं।’
हालांकि डीलरों और विनिर्माता दिलासा देते हुए कहते हैं कि कई घटनाओं के बावजूद ग्राहकों का भरोसा नहीं डिगा है। ओकीनावा ऑटोटेक के चार साल पुराने नवी मुंबई के एक डीलर ने कहा, ‘अभी तक बुकिंग या पूछताछ पर कोई असर नहीं पड़ा है और मांग मजबूत बनी हुई है।’ वह हर महीने 60 से 70 ई-स्कूटरों की बिक्री कर रहे हैं।
ओकीनावा ऑटोटेक के वाहनों को बाजार से वापस मंगाने को नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अमिताभ कांत ने विनिर्माता की ओर से स्वैच्छिक कार्यवाही बताई। इस कदम से खरीदारों में भरोसा बढ़ेगा।
इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की ताजा घटना 9 अप्रैल को महाराष्ट्र के नासिक में हुई थी। जितेंद्र ईवी के 20 स्कूटरों में आग लग गई थी। इलेक्ट्रिक स्कूटर में आगे लगने की पहली घटना 25 मार्च को वेल्लूर में हुई थी, जिसमें 49 वर्ष के दुरई वर्मा और उनकी पुत्री मोहना प्रीति की मौत हो गई थी।
इस उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन खंड की एक बड़ी कंपनी ने डीलरों को अप्रैल में वाहनों की बिक्री बंद कर दी है। सूत्र ने कहा कि कंपनी को फेम से संबंधित कुछ मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है।
वाहन डीलरों के महासंघ फाडा के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने कहा, ‘इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग या इनके संबंध में पूछताछ में बहुत कमी तो नहीं आई है। इसकी वजह यह है कि मांग और आपूर्ति में अंतर कहीं अधिक है। लोग पूछताछ तो कर रहे हैं मगर बुकिंग जरूर कम हुई है। लोगों की दिलचस्पी ऐसे वाहनों में कम नहीं हुई है और लोग बस थोड़ा इंतजार कर रहे हैं। यह अस्थायी समस्या है जो समय के साथ दूर हो जाएगी।’ गुलाटी ने कहा कि कंपनियों को आग लगने की घटना के बारे में ठोस जवाब देना चाहिए ताकि डीलर अच्छी तरह से ग्राहकों को पूरा वाकया समझा सके। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि दोपहिया स्कूटरों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है। मंत्रालय ने भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलूरु और अग्नि, विस्फोटक एवं पर्यावरण सुक्षा केंद्र (सीएफईईएस) को इस मामले की जांच करने के लिए कहा है। इस संबंध में रिपोर्ट जल्द सौंंपी जा सकती है। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2022 में ई-दोपहिया की बिक्री 49,591 वाहनों की रही।आग की घटना से ई-स्कूटर की मांग पर असर
वाहन डीलरों के महासंघ फाडा के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने कहा, ‘इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग या इनके संबंध में पूछताछ में बहुत कमी तो नहीं आई है। इसकी वजह यह है कि मांग और आपूर्ति में अंतर कहीं अधिक है। लोग पूछताछ तो कर रहे हैं मगर बुकिंग जरूर कम हुई है। लोगों की दिलचस्पी ऐसे वाहनों में कम नहीं हुई है और लोग बस थोड़ा इंतजार कर रहे हैं। यह अस्थायी समस्या है जो समय के साथ दूर हो जाएगी।’ गुलाटी ने कहा कि कंपनियों को आग लगने की घटना के बारे में ठोस जवाब देना चाहिए ताकि डीलर अच्छी तरह से ग्राहकों को पूरा वाकया समझा सके। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि दोपहिया स्कूटरों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है। मंत्रालय ने भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलूरु और अग्नि, विस्फोटक एवं पर्यावरण सुक्षा केंद्र (सीएफईईएस) को इस मामले की जांच करने के लिए कहा है। इस संबंध में रिपोर्ट जल्द सौंंपी जा सकती है। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2022 में ई-दोपहिया की बिक्री 49,591 वाहनों की रही।

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First Published - April 18, 2022 | 11:48 PM IST

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