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बर्ड ग्रुप की ई-कार योजना अटकी

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Last Updated- December 12, 2022 | 6:07 AM IST

विमानन सेवाओं से लेकर आतिथ्य सेवा तक कारोबार करने वाली कंपनी बर्ड ग्रुप ने इलेक्ट्रिक हैचबैक कार असेंबल करने के लिए चीन की वाहन कंपनी हैमा ऑटोमोबाइल्स के साथ करार किया था। लेकिन सीमा पर गतिरोध बढऩे औैर भू-राजनीतिक वास्तविकताओं में बदलाव के मद्देनजर प्रवर्तक (भाटिया परिवार) अब उस संयुक्त उद्यम का नए सिरे से आकलन कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अुनसार, इस कार को 10 लाख रुपये कीमत के साथ इसी जून में लॉन्च किए जाने की उम्मीद थी। शुरू में हैमा की स्थापना माजदा और हैनान प्रांत की सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम के तौर पर की गई थी ताकि उसके जापानी साझेदार को नए ब्रांड के तहत कारों की बिक्री की जा सके। बाद में उसे सरकारी कंपनी फस्र्ट ऑटोमोबाइल्स वक्र्स को बेच दिया गया।
इस मामले से अवगत सूत्रों ने पुष्टि की कि भू-राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर कुछ बदलाव करने की आवश्यकता है। चूंकि दोनों कंपनियां भारत में वाहन को असेंबल करने की योजना बना रही थीं और इसलिए वे आपूर्ति शृंखला में किसी भी व्यवधान का जोखिम नहीं लेना चाहती हैं क्योंकि इलेक्ट्रिक हैचबैक बनाने के लिए प्रमुख कलपुर्जों का आयात किया जाना था।
बर्ड ग्रुप के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
बर्ड ग्रुप अब इलेक्ट्रिक दोपहिया पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रही है। हाल में उसने ऑस्ट्रेलिया की ई-मोबिलिटी कंपनी वीमोटो के साथ करार किया है। इसके तहत विभिन्न मॉडलों को भारतीय बाजार में उतारे जाने की उम्मीद है जिनमें वीमोटो सीयूएक्स और सीयू इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की शृंखला शामिल हैं। इस सौदे तहत बर्ड अपने परिचालन के पहले वर्ष में न्यूनतम 10,000 वाहनों की खरीदारी करेगी। इन वाहनों को 2021 के अंत में लॉन्च किया जाएगा।
सूत्रों ने कहा कि कंपनी कम कीमत वाले आम लोगों के बाजार को लक्षित करना चाहती है जहां उसे ओला इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा मिलेगी। ओला इलेक्ट्रिक सालाना 1 करोड़ वाहनों के उत्पादन की क्षमता स्थापित कर रही है और जून तक अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर को बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। बर्ड ग्रुप को बाजार में हीरो इलेक्ट्रिक से भी प्रतिस्पर्धा मिलेगी जो अपनी क्षमता दोगुनी करने की तैयारी कर रही है और फिलहाल वह इलेक्ट्रिक दोपहिया बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है।
इस मामले से अवगत बर्ड ग्रुप के एक सूत्र ने कहा, ‘हम देश में उसे असेंबल करना चाहेंगे और किसी तीसरे पक्ष के साथ आउटसोर्सिंग करार भी करना चाहेंगे।’
यह कोई पहला अवसर नहीं है जब बर्ड ग्रुप इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में उतरने की कोशिश कर रही है। इससे पहले 2020 में समूह ने अमेरिकी कंपनी बर्ड राइड्स इंक के साथ करार किया था ताकि उसके बर्ड क्रूजर- इलेक्ट्रिक दोपहिया- को भारतीय बाजार में उतारा जा सके। इसके जरिये कंपनी ने बाजार के बी2बी श्रेणी को लक्ष्य करने की योजना बनाई थी। लेकिन वह सौदा सफल नहीं हो सका।

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First Published - April 9, 2021 | 12:37 AM IST

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