facebookmetapixel
Advertisement
35 साल बाद सुधारों की नई जरूरत: अब निर्यातकों और आयातकों पर भरोसा जताने का आया समयजेन-ज़ी की चिंगारी कैसे देशभर में फैली, अनोखे आंदोलन ने झुकाई सरकारपेपर लीक पर सरकार का सख्त संदेश, संसद में कल पेश होगा संशोधन विधेयकउदारीकरण के 35 साल: सुधारों ने खोले अवसरों के द्वार, बोले सुनील मित्तल- आजादी के दिन जैसा था 1991 का बजट भाषणपरीक्षा सुधारों पर प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा ऐलान, नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनेगी हाई पावर टास्क फोर्सभारत ने बनाया पहला स्वदेशी टर्बोजेट इंजन, मिसाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता की बड़ी छलांगदूसरी और तीसरी तिमाही में रिटर्न 1% से ऊपर रहने की उम्मीद: बैंक ऑफ बड़ौदा2030 तक दोगुना होगा माइनिंग और कंस्ट्रक्शन कैपेक्स, भारत बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हबEPFO की UPI सेवा में देरी, अब अगस्त में शुरू हो सकती है PF क्लेम की नई सुविधाभारत की शिक्षा व्यवस्था को नौकरशाही में फेरबदल नहीं, प्रणालीगत सुधारों की जरूरत

रेजरपे का मूल्यांकन 7.5 अरब डॉलर हुआ

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 10:45 PM IST

फिनेटक यूनिकॉर्न रेजरपे ने अपनी सीरीज-एफ में 37.5 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। इस चरण में धन जुटाने से बेंगलूरु की इस कंपनी का मूल्यांकन महज एक साल में 7 गुना बढ़कर 7.5 अरब डॉलर हो गया है। यह किसी भारतीय यूनिकॉर्न के मूल्यांकन में सबसे तेज बढ़ोतरी है। रेजरपे भारत में पेटीएम के बाद दूसरी सबसे अधिक मूल्यवान फिनटेक स्टार्टअप बन गई है। इसने वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली डिजिटल भुगतान कंपनी फोनपे को पीछे छोड़ दिया है। अब फोनपे देश में तीसरी सबसे अधिक मूल्यवान फिनटेक स्टार्टअप है।
हाल में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने वाली पेटीएम ने जब 2019 में एक अरब डॉलर जुटाए थे, तब उसका मूल्यांकन 16 अरब डॉलर था। फोनपे का मूल्यांकन दिसंबर 2020 में 5.5 अरब डॉलर था। उस समय इसने टाइगर ग्लोबल समेत फ्लिपकार्ट के मौजूदा निवेशकों से 70 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटाई थी। रेजरपे के धन जुटाने की सीरीज एफ में लोन पाइन कैपिटल, एल्केऑन कैपिटल और टीवीसी ने निवेश किया है। इस चरण में टाइगर ग्लोबल, सिकोया कैपिटल इंडिया, जीआईसी और वाई कोम्बिनेटर जैसे मौजूदा निवेशकों की भी भागीदारी रही। इस धनराशि का इस्तेमाल रेजरपे वित्त को आसान बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में किया जाएगा। इसके लिए फुल-स्टैक वित्तीय समाधान प्रदाता कंपनी बनाई जाएगी, जो एक ही प्लेटफॉर्म पर उद्यमों की भुगतान एवं बैंकिंग जरूरतों का समाधान करेगी।
कंपनी ने इस धनराशि को 2022 में अपने बिज़नेस बैंकिंग सुइट- रेजरपे एक्स को बढ़ाने और नए बैंकिंग समाधानों में भी इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। कंपनी ने 2022 में नए अधिग्रहणों और अपनी मौजूदी दुनिया भर में बनाने पर भी निवेश की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत कंपनीे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों से करेगी। रेजरपे ने भारत और विदेश में अपनी वृद्धि योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए 600 से अधिक कर्मचारियों की भर्ती करने की भी योजना बनाई है।
रेजरपे का मूल्यांकन अक्टूबर 2020 में 1 अरब डॉलर और अप्रैल 2021 में 3 अरब डॉलर था। कंपनी 2014 में अपनी स्थापना से अब तक कुल 74.15 करोड़ डॉलर जुटा चुकी है, जिसमें सीरीज-एफ में जुटाई गई धनराशि भी शामिल है।
रेजरपे के सीईओ और सह-संस्थापक हर्षिल माथुर ने कहा, ‘हमने इन सात वर्षों में और विशेष रूप से 2020 से लंबा सफर तय किया है। मैं कंपनी का अत्यधिक आभारी हूं, जो हमें यहां तक लेकर आई है।’ उन्होंने कहा, ‘इस यात्रा के दौरान हम मौका और 80 लाख साझेदार उद्यमियों का भरोसा हासिल करने के लिए नम्र और उत्साहित बने रहे। हमारा मानना है कि हम आने वाले समय में भारत में लगभग हरेक क्षेत्र में भुगतान और बैंकिंग के तरीके में बड़ा बदलाव लाने में सफल रहेंगे।’ कंपनी 80 लाख से अधिक उद्यमों को भुगतान सुविधा देती है। इन उद्यमों में फेसबुक, ओला, जोमैटो, स्विगी, क्रेड, मुथूट फाइनैंस, नैशनल पेंशन सिस्टम और इंडियन ऑयल शामिल हैं। रेजरपे के ग्राहक उद्यमों की तादाद 2022 तक एक करोड़ होने का अनुमान है।

Advertisement
First Published - December 20, 2021 | 12:01 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement