facebookmetapixel
Advertisement
परीक्षा सुधारों पर PM मोदी का बड़ा ऐलान, नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनेगी हाई पावर टास्क फोर्सUpcoming NFO: अगले हफ्ते लॉन्च होंगे SBI, Invesco, Edelweiss और DSP के 5 नए फंड, जानें पूरी डिटेलGold-Silver Outlook: क्या अगले हफ्ते महंगा होगा सोना-चांदी? फेड के फैसले समेत इन संकेतों पर रहेगी नजरबिना प्रॉपर्टी खरीदे करें रियल एस्टेट में निवेश! Edelweiss MF ला रहा भारत का पहला REIT Index Fund, ₹100 से होगी शुरुआत‘आम जनता को न दौड़ाएं टैक्स अधिकारी’, बोलीं सीतारमण: अधिकारियों का सुस्त रवैया चिंताजनकNippon India MF ने रचा इतिहास, 4 करोड़ फोलियो पार करने वाली देश की पहली AMC बनीIndia-US Trade Talks: अमेरिका के अतिरिक्त टैरिफ पर भारत को बड़ी राहत, जेनेरिक दवाओं और स्मार्टफोन को छूटUpcoming IPO This Week: निवेशक पैसा रखें तैयार! अगले हफ्ते खुल रहे हैं तीन मेनबोर्ड वाले IPOStock Market Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी बाजार की चाल? इन ग्लोबल और घरेलू कारकों पर रहेगी नजरबिकवाली के दबाव में फिसला बाजार: टॉप-10 कंपनियों के डूबे ₹2.74 लाख करोड़, HDFC Bank को सबसे बड़ा झटका

पारदर्शी और बेबाक थे राहुल बजाज

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 9:17 PM IST

अस्सी के दशक की शुरुआत में मारुति सुजूकी में विपणन निदेशक के रूप में मैंने राहुल बजाज को हस्तक्षेप कर हमारे कर्मचारियों के लिए अति मांग वाले बजाज स्कूटरों का बिना बारी के आवंटन प्राप्त करने के लिए पत्र लिखा था, क्योंकि इसकी प्रतीक्षा सूची लंबी थी। बजाज ने तुरंत उत्तर दिया, लेकिन उत्तर जोरदार ढंग से ‘नहीं’ में था। उन्होंने कहा कि माफ कीजिए, हम मारुति को कोई तरजीह नहीं दे सकते हैं।

मेरे लिए वह सर्वोत्कृष्ट राहुल बजाज थे, जो पारदर्शी, मुखर और नियम तोडऩे को तैयार नहीं थे। वह एक सच्चे राष्ट्रवादी थे, जिनका मेक इन इंडिया गाथा में विश्वास था।
वह वर्ष 1993 में तथाकथित बॉम्बे क्लब के संभवत: सबसे मुखर सदस्य रहे होंगे, लेकिन आत्मविश्लेषण में वह जो कह रहे थे, वह सही था। उस समय हम सभी सुधारों, तेजी से किए जाने वाले फैसलों पर जोर दे रहे थे, लेकिन मैं शायद कुछ गलत था। राहुल जिस बात की मांग कर रहे थे, वह घरेलू उद्योग के लिए काम करने की समान स्थिति थी, ताकि वैश्विक कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते समय उन्हें मुश्किल न हो। वह प्रतिस्पर्धा के खिलाफ नहीं थे। और प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी के आत्मनिर्भर भारत तथा मेक इन इंडिया का भी यही सार है। राहुल घरेलू उद्योग के लिए बाधाओं को दूर करने की भी बात कर रहे थे।
हमारी पहली बातचीत भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) में बैठकों के जरिये हुई थी। हम सीआईआई की कई बैठकों में भी एक साथ गए, अमेरिका, ब्रिटेन और एक बार मॉस्को वाली बैठक में गए। इसके अलावा एक बार जब मैं दावोस गया, तो उन्हीं के साथ था और जल्द ही हम करीबी दोस्त बन गए। वह मुझे और मेरी पत्नी को पुणे में अपने घर रात के खाने के लिए बुलाया करते थे, जहां सबसे अच्छा मारवाड़ी भोजन परोसा जाता था (हम दोनों शाकाहारी थे, यह एक और ऐसी बात थी कि हमारी स्वाभाविक दोस्ती हुई) और हमारा संबंध मजबूत हो गया, क्योंकि वह नरेश चंद्रा के भी करीबी थे, जो आईएएस में मेरे बैचमेट थे और हम तीनों ताज पैलेस में एक साथ मिला करते थे। जब वह दिल्ली में होते थे, तो वह हमेशा वहीं एक स्वीट में रहते थे। अलबत्ता कोविड-19 की वजह से हमारा मिलना नहीं हो पाया क्योंकि ज्यादातर समय वह पुणे में ही रहे।
सरकार और सुजूकी के बीच लड़ाई के दौरान बेशक उन्होंने हमारे रुख का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि जापानियों को भारत में बहुत कुछ मिला है। इसने उन्हें अपनी कंपनी में विदेशी कंपनियों को हिस्सेदारी देने से दूर रखा। इसलिए उन्होंने दोपहिया वाहनों के लिए फोर स्ट्रोक तकनीक हासिल की जल्दी नहीं की। लेकिन इसने होंडा के साथ करार करने वाली हीरो के मुंजाल को वॉल्यूम के लिहाज से बाजार में बजाज से आगे निकलने का मौका उपलब्ध कर दिया था। लेकिन यह राहुल के लिए सही या गलत रणनीति की बात नहीं थी, यह विश्वास की बात थी।
लेकिन भले ही उन्होंने बाजार हिस्सेदारी के लिहाज से शीर्ष स्थान खो दिया हो, लेकिन अगर आप वित्तीय अनुपात और लाभ की स्थिति को देखें, तो बजाज कारोबार में सदैव सर्वश्रेष्ठ रही है। और राहुल के लिए यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।
उनके अपने पुत्र राजीव के साथ भी मतभेद थे, जो स्कूटर का उत्पादन पूरी तरह बंद करने और मोबाइक की ओर जाने की उनकी रणनीति के संबंध में सार्वजनिक थे। शायद राहुल सही थे, मोबाइक का जुनून तो था, लेकिन बाजार वापस स्कूटरों की ओर जा रहा है तथा स्कूटर और मोबाइक दोनों को रखना का आदर्श संयोजन है।
(लेखक मारुति सुजूकी इंडिया लिमिडेट के चेयरमैन हैं। सुरजीत दास गुप्ता के साथ उनकी बातचीत पर आधारित)

Advertisement
First Published - February 13, 2022 | 11:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement