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BS Special:  कौन है IMF में ‘नंबर 2’ रहीं गीता गोपीनाथ? 1996 सिविल सर्विसेज टॉपर से की है शादी

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DSE के क्लासमेट से की शादी, 1996 सिविल सर्विसेज टॉपर रहे है पति, IAS ट्रेनिंग में मिला था गोल्ड मेडल।

Last Updated- July 22, 2025 | 5:47 PM IST

भारतीय मूल की विख्यात अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ‘अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष’ (IMF) की फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (FDMD) के पद से अगस्त के अंत में इस्तीफा देंगी। गीता गोपीनाथ अब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर एक बार फिर अकादमिक क्षेत्र में लौटेंगी।

IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा, “गीता IMF में एक अत्यंत सम्मानित अकादमिक के रूप में शामिल हुई थीं और उन्होंने यहां एक बेहतरीन बौद्धिक नेतृत्व दिया। कोविड-19 महामारी से लेकर रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी वैश्विक चुनौतियों के दौरान उनका योगदान अतुलनीय रहा है।”

“अब मैं अपने अकादमिक जड़ों की ओर लौट रही हूं” — गीता गोपीनाथ

अपने इस्तीफे की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए गीता गोपीनाथ ने कहा, “IMF में मेरा कार्यकाल once in a lifetime जैसा अवसर था। मैं क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और उनकी पूर्ववर्ती क्रिस्टीन लगार्ड का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने मुझे IMF का मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त किया। अब मैं अपने शैक्षणिक जीवन की ओर लौट रही हूं, ताकि अंतरराष्ट्रीय वित्त और व्यापक अर्थव्यवस्था (मैक्ऱोइकोनॉमिक्स) के क्षेत्र में शोध को और आगे बढ़ा सकूं।”

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने भी अपने गजट में गीता की वापसी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, “गीता गोपीनाथ ग्रेगरी और एनी कॉफी प्रोफेसर ऑफ इकोनॉमिक्स के रूप में लौट रही हैं। उनके द्वारा अगले सेमेस्टर में नई पाठ्यक्रम श्रृंखलाएं पेश की जाएंगी। मैं अब अपनी शैक्षणिक जड़ों की ओर लौट रही हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय वित्त और व्यापक अर्थशास्त्र (macroeconomics) के क्षेत्र में शोध को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी के अर्थशास्त्रियों को प्रशिक्षित करने की आशा है।”

क्या कहा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने- 

गीता गोपीनाथ इस शरद ऋतु (फॉल सीज़न) में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की फैकल्टी में वापसी करेंगी। वे लंबे समय से सार्वजनिक सेवा अवकाश (public service leave of absence) पर थीं। वे हार्वर्ड में ग्रेगोरी और अनिया कॉफी प्रोफेसर ऑफ इकोनॉमिक्स के रूप में अपनी नई भूमिका में वापसी कर रही हैं, और अगले वसंत सत्र में उनके नए पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे।

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान डीन और एप्लाइड इकोनॉमिक्स के ओट्टो एकस्टीन प्रोफेसर डेविड एम. कटलर ने कहा, “गीता का अकादमिक कार्य विनिमय दर, अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह और वैश्विक वित्तीय ढांचे की हमारी समझ को मूल रूप से आकार देने वाला रहा है। उनकी वापसी अंतरराष्ट्रीय व्यापक अर्थशास्त्र के क्षेत्र में हार्वर्ड की स्थिति को और मजबूत बनाएगी। वे एक उत्कृष्ट शिक्षिका और बौद्धिक साझेदार भी हैं। हम उन्हें वापस पाकर रोमांचित हैं।”

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कौन हैं गीता गोपीनाथ?

गीता गोपीनाथ का जन्म 8 दिसंबर 1971 को कोलकाता में हुआ था। वे केरल के कन्नूर जिले से ताल्लुक रखने वाले एक मलयाली नायर परिवार से हैं और भारत के प्रसिद्ध कम्युनिस्ट नेता ए के गोपालन की रिश्तेदार हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा मैसूरु के निर्मला कॉन्वेंट स्कूल में पूरी की।

  • शिक्षा: 
    • बीए (अर्थशास्त्र) – लेडी श्रीराम कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय (1992) 
    • एमए – दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (1994)
    • दूसरा एमए – यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन (1996)
      पीएचडी – प्रिंसटन यूनिवर्सिटी (2001)

उन्होंने 2001 में यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के बूथ स्कूल ऑफ बिज़नेस में पढ़ाना शुरू किया और 2005 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र विभाग में प्रोफेसर बन गईं, जहां वे जॉन ज़वान्स्ट्रा प्रोफेसर ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज एंड इकोनॉमिक्स रहीं।

2018 में IMF की पहली महिला मुख्य अर्थशास्त्री, 2021 में IMF की नंबर 2 

गीता गोपीनाथ IMF की पहली महिला मुख्य अर्थशास्त्री बनी थीं, जब वे अक्टूबर 2018 में इस पद पर नियुक्त हुईं। कोविड महामारी के समय उन्होंने “पैंडेमिक पेपर” नामक एक महत्वपूर्ण शोध लेख का सह-लेखन किया, जिसके आधार पर वर्ल्ड बैंक, WHO और WTO के साथ मिलकर एक बहुपक्षीय टास्क फोर्स का गठन किया गया।

वर्ष 2021 में उन्हें IMF की नंबर 2 पोजीशन यानी फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर पदोन्नति मिली। वे वर्ल्ड बैंक-IMF की ‘हाई लेवल एडवाइजरी ग्रुप ऑन सस्टेनेबल एंड इनक्लूसिव रिकवरी’ की सदस्य भी रही हैं।

इसके अलावा वे NBER के इंटरनेशनल फाइनेंस एंड मैक्रोइकोनॉमिक्स प्रोग्राम की सह-निदेशक रहीं और फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ बोस्टन तथा न्यूयॉर्क की सलाहकार भी रहीं।

DSE के क्लासमेट से की शादी, 1996 सिविल सर्विसेज टॉपर रहे है पति

गीता गोपीनाथ अमेरिका की नागरिक हैं और ‘ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया’ (OCI) का दर्जा रखती हैं। वे दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अपने सहपाठी इकबाल सिंह धालीवाल से विवाहित हैं। धालीवाल 1996 की सिविल सर्विसेज के टॉपर रहें हैं, और तमिलनाडु में पांच साल तक IAS अधिकारी के रुप में अपनी सेवाएं दी है। IAS ट्रेनिंग के दौरान भी इकबाल धालीवाल टॉपर रहे और उन्हें एकेडमी के गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था। फिलहाल वे MIT Abdul Latif Poverty Action Lab के ग्लोबल डॉयरेक्टर हैं। ये वहीं संस्थान है जिसके प्रोफेसर Abhijit Banerjee  को अपने सहयोगी Esther Duflo और Michael Kremer के साथ अर्थशास्त्र का नोबेल प्राइज दिया गया था। 2016 में गीता गोपीनाथ केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की आर्थिक सलाहकार भी नियुक्त हुई थीं। यह एक मानद (honorary) पद था।

गीता गोपीनाथ की विदाई के बाद IMF ने कहा है कि उनकी जगह कौन लेगा, इसका निर्णय जल्द ही लिया जाएगा। यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी जगह कौन आएगा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय आर्थिक समीकरणों को देखते हुए यह पद फिर से अमेरिकी उम्मीदवार को ही मिल सकता है। कहा जा रहा है कि गोपीनाथ की वापसी ऐसे समय में हो रही है जब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच नीति और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर टकराव बना हुआ है। वही विदेशी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प आईएमएफ के नंबर-02 पद पर अपने किसी खास को नियुक्त करने की कोशिश करेंगे। 

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First Published - July 22, 2025 | 5:42 PM IST

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