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Zee के फाउंडर सुभाष चंद्रा ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर दिया बयान, कहा- मीडिया पर दबाव डाल रहा शासन

चंद्रा ने कहा कि मीडिया सरकारों को फीडबैक देता है और अगर उसे दबा दिया गया तो वह सरकार के मुकाबले जनता के लिए कहीं अधिक नुकसानदेह साबित होगा।

Last Updated- June 03, 2024 | 11:18 PM IST
JC Flowers makes claim on Subhash Chandra’s no-compete fees

ज़ी के संस्थापक और प्रवर्तक सुभाष चंद्रा ने सोमवार को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दर्शकों और नियामक इकाइयों सहित सभी हितधारकों से प्रेस की स्वतंत्रता को खतरे के खिलाफ खड़ा होने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘मैं अपने दर्शकों, नियामक निकायों सहित सभी हितधारकों से प्रेस की स्वतंत्रता के लिए इन खतरों को पहचानने और उनके खिलाफ खड़ा होने की अपील करता हूं।’ उन्होंने दावा किया शासन के द्वारा इसके खिलाफ प्रयास किए गए हैं।

ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के मानद चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने कहा, ‘मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है मगर उसे शासन वर्ग से बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ा रहा है। इसमें विधायिका, कार्यपालिका,कॉरपोरेट और अन्य सभी शामिल हैं। एजेंडा पूरा करने के लिए मीडिया के विरुद्ध प्रयास किए जा रहे हैं।’

चंद्रा ने कहा कि मीडिया सरकारों को फीडबैक देता है और अगर उसे दबा दिया गया तो वह सरकार के मुकाबले जनता के लिए कहीं अधिक नुकसानदेह साबित होगा। 180 देशों के विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत के 159वें स्थान पर रहने पर कहा कि मीडिया भी इसके लिए जिम्मेदार है।

First Published - June 3, 2024 | 11:08 PM IST

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