facebookmetapixel
Advertisement
RBI MPC August Meeting 2026: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, न्यूट्रल रुख कायमGold and Silver Rate today: फेड के ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना घटी; सोना उछलकर $4,200 के करीब, चांदी $60 के पारसूरज निकला तो बिजली, नहीं निकला तो नुकसान? Renewable कंपनियां इससे कैसे बच रही हैं?Opening Bell: RBI के फैसले से पहले शेयर बाजार में तेजी! Sensex 400 अंक उछला, Nifty 24,600 के पारLIC OFS को संस्थागत निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स, आज रिटेल निवेशकों के लिए खुला ऑफरRBI MPC August 2026: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा आज करेंगे रीपो रेट का ऐलान; जानें लाइव स्ट्रीमिंग, समय और पूरी डीटेल80 डॉलर से नीचे ब्रेंट, 75 डॉलर से नीचे WTI; तेल बाजार में बड़ी गिरावटStocks To Watch Today: आज इन शेयरों में होगी तगड़ी हलचल! LIC OFS, Paytm, HFCL और DLF समेत 8 बड़े ट्रिगर्स पर रखें नजरडिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा

उप्र में बनेगा व्यावसायिक शिक्षा बोर्ड

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 1:36 AM IST

उद्योगों की ओर से लगातार प्रशिक्षित श्रमिकों की मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा बोर्ड बनाने की योजना बनाई है।
इससे राज्य सरकार को उम्मीद है कि उद्योगों को राज्य से ज्यादा बेहतर कर्मचारी मिलेंगे। नया बोर्ड राज्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और पॉलिटेक्ीक संस्थानों के तहत दी जाने वाली शिक्षा की उच्च गुणवत्ता बनाए रखना सुनिश्चित करेगा। 
अनुमान है कि साल 2022 तक भारत में विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने के लिए लगभग 50 करोड़ प्रशिक्षित श्रमिकों की जरूरत पड़ेगी। उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया, ‘नए बोर्ड पर आईटीआई संस्थानों और पॉलीटेक्नीक संस्थानों के लिए उद्योगों की जरूरत के हिसाब से पाठयक्रम तय करने की जिम्मेदारी होगी।’
उन्होंने बताया कि जिस तरह उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) राज्य के इंजीनियरिंग संस्थानों का संचालन करता है, उसी तरह व्यावसायिक शिक्षा बोर्ड राज्य के आईटीआई संस्थानों और पॉलिटेक्नीक संस्थानों का संचालन करेगा।
फिलहाल राज्य के आईटीआई और पॉलीटेक्नीक संस्थानों से सालाना 75,000 प्रशिक्षित श्रमिक निकलते हैं। लेकिन उद्योगों की जरूरत के वाले पाठयक्रम के अभाव में उनके पास नवीन प्रशिक्षण नहीं होता है। इस परियोजना को शुरू करने के लिए राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को जल्द से जल्द राज्य में प्रशिक्षित श्रमिकों की कमी को पूरा करने के लिए सुझाव देने का आदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के असंगठित उद्योग में काम करने वाले लगभग 95 फीसदी लोग प्रशिक्षित नहीं हैं। भारतीय उद्योग परिसंघ उत्तर प्रदेश राज्य परिषद् के चेयरमैन रमेश सूरी ने बताया, ‘भारत में कार्यरत अधिकतर श्रमिक प्रशिक्षित नहीं होते हैं। इस कारण उन्हें बेहतर नौकरी ढूंढने और अपनी आर्थिक दशा सुधारने में काफी मुश्किल होती है।’
इस बैठक से राज्य सरकार को इस मामले पर उद्योगों का सुझाव लेने का मौका मिल गया। इसके बाद अब सरकार उद्योगों के सुझाव के  मुताबिक आईटीआई और पॉलिटेक्नीक संस्थानों के तकनीकी पाठयक्रम का पुनर्गठन करेगी।
रंजन ने बताया, ‘योग्यता विकास के लिए राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम निर्माण, हॉस्पिटैलिटी, स्वास्थ्य, आईटी, ऊर्जा और कृषि प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देगी।’ इसी दौरान राज्य सरकार ने गैर लाभकारी संगठनों और निजी क्षेत्र को प्राथमिक, सैकेण्डरी और हाई स्कू ल की पढ़ाई के बाद वहां व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की अनुमति प्रदान कर दी है।
भारतीय उद्योग परिसंघ उत्तर प्रदेश राज्य परिषद् के चेयरमैन जयंत कृष्णा ने बताया, ‘राज्य को अपनी आबादी के अनुपात में प्रशिक्षित कर्मचारी देने चाहिए। लेकिन इसके लिए हमें भी रोजगार की संभावनाएं मुहैया करानी चाहिए। वरना रोजगार की तलाश में प्रशिक्षित लोग राज्य से बाहर जाते रहेंगे और राज्य को उनकी प्रतिभा का फायदा नहीं मिलेगा।’

Advertisement
First Published - April 21, 2009 | 8:30 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement