facebookmetapixel
Shadowfax IPO: अगले हफ्ते खुल रहा ₹1,907 करोड़ का आईपीओ, प्राइस बैंड ₹118-124 पर फाइनल; चेक करें सभी डिटेल्सक्या खेल पाएंगे T20 वर्ल्ड कप? पाकिस्तानी मूल के 4 अमेरिकी खिलाड़ियों का वीजा अब भी अधर मेंग्रीनलैंड पर कब्जे की तैयारी तेज, ट्रंप के सहयोगी बोले- हफ्तों या महीनों में बड़ा कदमStock To Buy: रिकॉर्ड हाई पर अनिल अग्रवाल की कंपनी के शेयर, नुवामा ने कहा- खरीदें; ₹800 के पार जायेगाNestle India के शेयर में लगातार पांच हफ्तों की तेजी, ₹1,510 तक जाने के संकेतBudget Trivia: ब्रिटिश दौर से डिजिटल युग तक, बजट पेश करने की परंपरा में बदलावBharat Coking Coal IPO: GMP दे रहा तगड़े सिग्नल, शेयर हाथ लगे या नही; फटाफट चेक करें अलॉटमेंट स्टेटसGen Z के लिए जॉब में सबसे जरूरी वर्क-लाइफ बैलेंस, सैलरी नहीं पहली प्राथमिकताअब महंगी फ्लाइट नहीं! Air India Express की सेल में घरेलू टिकट ₹1,350 से₹1,100, ₹1,000 और ₹475 के टारगेट! मोतीलाल ओसवाल ने इन 3 शेयरों में खरीदारी की दी सलाह

गर्मियां देख उत्तर प्रदेश को छूटा पसीना

Last Updated- December 10, 2022 | 8:30 PM IST

गर्मियों ने दस्तक देनी शुरू कर दी है और उत्तर प्रदेश में पारा अभी से ही 35 डिग्री सेल्सियस को छू चुका है।
इसे देखते हुए राज्य सरकार दूसरे राज्यों से बिजली की खरीद के लिए समझौते में जुट गई है। राज्य सरकार ने आने वाले दिनों में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए अभी से ही निजी कंपनियों से बात करनी शुरू कर दी है।
गर्मियों में व्यस्ततम घंटों के लिए बिजली की मांग बढ़कर प्रतिदिन 11,000 मेगावाट तक पहुंच जाती है। जबकि राज्य में इस दौरान कुल उपलब्ध बिजली केवल 6,700 मेगावाट के करीब ही रह पाती है। इसमें केंद्र की ओर से 3,700 मेगावाट आयातित बिजली भी शामिल है।
उत्तर प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड (यूपीपीसीएल) पर इस 4,000 मेगावाट बिजली की किल्लत को दूर करने का अत्यधिक दबाव है। यूपीपीसीएल ने बिजली की खरीद के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ समझौता किया है। इस समझौते के तहत निगम प्रति इकाई 7.5 रुपये की दर से अप्रैल 2009 में पहले और दूसरे पखवाड़े में 250 और 400 मेगावॉट बिजली खरीदेगी। केवल इस समझौते से ही यूपीपीसीएल पर 75 करोड़ रुपये से अधिक का बोझ पड़ेगा।
यूपीपीसीएल के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक नरेंद्र भूषण ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम गर्मियों के दौरान अतिरिक्त बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से बात कर रहे हैं।’ उन्होंने माना कि राज्य में बिजली की समस्या गंभीर है और निगम लाइन और वितरण के दौरान बिजली के नुकसान को रोकने के उपायों पर विचार कर रही है।
राज्य में कुल 26 जल और तापविद्युत इकाइयां हैं जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 3,000 मेगावाट के करीब है। बिजली की गंभीर किल्लत का सामना कर रहा यूपीपीसीएल बिजली की आंख मिचौली को दूर करने की समस्या से जूझ रही है।
साथ ही गर्मियों में दूसरे राज्यों में भी बिजली की मांग बढ़ने से ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में खुले बाजार में बिजली की दर बढ़कर प्रति इकाई 10 रुपये तक पहुंच जाएगी। अखिल भारतीय ऊर्जा अभियंता परिसंघ के महासचिव शैलेंद्र दुबे ने बताया कि झांसी में उत्तर क्षेत्र ऊर्जा समिति की हाल में हुई बैठक में दो एजेंडों को ही सबसे अधिक तूल दी गई।
एक तो यह कि इन गर्मियों में उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग 10,000 मेगावाट से अधिक होगी और दूसरी कि अधिकतम उपलब्ध बिजली 7,000 मेगावाट ही होगी। इधर, 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक रिहंद थर्मल पावर प्रोजेक्ट की 500 मेगावाट की एनटीपीसी इकाई को बंद करने का विचार लोकसभा चुनाव पूरा होने तक टाल दिया गया है।

First Published - March 18, 2009 | 9:25 PM IST

संबंधित पोस्ट