facebookmetapixel
Advertisement
Mumbai 3.0: तीसरी मुंबई के विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी, सुरबाना जुरोंग को नियुक्त किया गया प्रोजेक्ट मैनजमेंट सलाहकारGold-Silver Outlook: सोने-चांदी में तेजी के आसार; महंगाई, पश्चिम एशिया तनाव पर निवेशकों की नजरUpcoming IPO This Week: निवेशक पैसा रखें तैयार! इस हफ्ते 5 मेनबोर्ड और 4 SME IPO खुलेंगेMTF से खरीदते हैं शेयर? मार्जिन कॉल और फोर्स्ड सेलिंग से बढ़ सकती है मुश्किलेंकच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया तनाव से तय होगी इस हफ्ते बाजार की चाल, इन आंकड़ों पर रखें नजरFinancial Freedom: आखिर कितनी कमाई और बचत के बाद आप नौकरी की मजबूरी से बाहर निकल सकते हैं?चांदी के आभूषणों की शुद्धता जांचना अब होगा और आसान, BIS दो साल में बढ़ाएगा हॉलमार्किंग नेटवर्कभारतीय शेयर बाजार में लौटा विदेशी निवेशकों का भरोसा, अगस्त के पहले हफ्ते में ₹12,921 करोड़ का निवेशMCap: शेयर बाजार में उछाल से चार कंपनियों का मार्केट कैप 1.43 लाख करोड़ बढ़ा, SBI रहा टॉप गेनरदिल्ली में 14 अगस्त तक लगातार जारी रहेगा बारिश का दौर, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

उप्र: ऑक्सीजन ग्रिड तैयार कर रहा यूपीसीडा

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 4:52 AM IST

कोरोना संकट के दौरान उपजी आवश्यकता को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) पश्चिम से लेकर पूर्व के जिलों तक ऑक्सीजन ग्रिड तैयार करेगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में मौजूद औद्योगिक क्षेत्रों में ऑक्सीजन उत्पादन इकाइयां लगेंगी। प्राधिकरण का कहना है कि ऑक्सीजन ग्रिड पश्चिम के जिले सहारनपुर से लेकर देवरिया तक के क्षेत्र में जरूरतमंदों को प्राणवायु पहुंचाने का काम करेगा।
यूपीसीडा में ऑक्सीजन उत्पादन इकाई लगाने के इच्छुक उद्यमियों को तुरंत जमीन देने व जरूरी अनुमति देने की व्यवस्था निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई है जो 24 घंटे कार्यरत है। ऑक्सीजन उत्पादन इकाई के लिए यूपीसीडा महज एक सप्ताह के भीतर ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। यूपीसीडा की इस पहल पर अब तक ग्रेटर नोएडा, सहारनपुर, शाहजहांपुर, बरेली, मथुरा, कानपुर नगर व देहात, रायबरेली, हरदोई, बस्ती, सुल्तानपुर, अमेठी, गोरखपुर, मऊ, वाराणसी और प्रयागराज में 19 कंपनियों ने ऑक्सीजन उत्पादन इकाई लगाने का प्रस्ताव किया है। यूपीसीडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में लगने वाली इन इकाइयों में 503 करोड़ रुपये के निवेश के साथ प्रतिदिन 770 टन ऑक्सीजन व नाइट्रोजन उत्पादन की क्षमता होगी। यूपीसीडा के मुताबिक महामारी के प्रकोप को संज्ञान में लेते हुए बीते एक साल से ही विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध खाली भूखंडों का बैंक तैयार किया गया और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया गया है। अब तक विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सात कंपनियों को ऑक्सीजन उत्पादन इकाई लगाने के लिए भूखंड का आवंटन किया गया है जबकि चार ने इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली है। इन सभी को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से आवंटन का काम किया गया है।अब तक यूपीसीडा ने इलाहाबाद के नैनी में सरस्वती हाईटेक सिटी में प्रभा इंजीनियरिंग को 4,000 वर्गमीटर जमीन का आवंटन लिक्विड ऑक्सीजन और नाइट्रोजन उत्पादन के लिए किया है। यहां 15.76 करोड़ रुपये की लागत से इकाई स्थापित कर हर रोज 1,100 से 1,500 सिलिंडर गैस का उत्पादन होगा। उक्त कंपनी ने स्थानीय तीन अस्पतालों को मुफ्त ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए अंगीकृत किया है।
इसके अलावा यूपीसीडा ने हरदोई में ट्यूलिप ऑक्सीजन को 1,800 वर्गमीटर जमीन का आवंटन किया है। यूपीसीडा के ही प्रयासों से शाहजहांपुर औद्योगिक क्षेत्र में कृभको फर्टिलाइजर्स ने 400 वर्गमीटर में लिक्विड ऑक्सीजन उत्पादन की अतिरिक्त यूनिट शुरू की है। कानपुर में यूपीसीडा ने पारेरहट गैसेज को 1,800 वर्गमीटर भूखंड का आवंटन 5 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 10 टन प्रतिदिन ऑक्सीजन उत्पादन के लिए किया है।

Advertisement
First Published - May 12, 2021 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement