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महाराष्ट्र के दो समूहों की अघोषित आय पता चली

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Last Updated- December 11, 2022 | 3:45 PM IST

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने शुक्रवार को बताया कि हाल ही में महाराष्ट्र के दो प्रमुख व्यावसायिक समूहों पर आयकर विभाग की तलाशी में 100 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है।
सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि ये समूह बालू खनन, चीनी उत्पादन, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवा, मेडिकल कॉलेज चलाने वाले हैं। कंपनियों का बगैर नाम लिए कहा, ‘महाराष्ट्र के सोलापुर, उस्मानाबाद, नासिक और कोल्हापुर जिलों में फैले 20 से अधिक भवनों में तलाशी की कार्रवाई की गई।’
सीबीडीटी ने कहा कि बालू खनन और चीनी उत्पादन में लगे समूह के मामले में 15 करोड़ रुपये से अधिक की चीनी की नकद बिक्री करने के दस्तावेज मिले हैं और इन्हें जब्त कर लिया गया है। बयान में कहा गया कि समूह ने अपने बही खाते में इस बेहिसाब आय को फर्जी असुरक्षित ऋण के रूप में पेश किया है। 
‘समूह के कई ऋणदाताओं और प्रमोटरों ने यह स्वीकार किया कि समूह द्वारा 10 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी को इसी तरह अपने बही-खातों में दर्ज किया गया है।’ सीबीडीटी ने कहा, ‘एक गैर फाइलर कॉरपोरेट इकाई द्वारा संपत्ति की बिक्री पर 43 करोड़ रुपये के पूंजीगत लाभ के भी साक्ष्य जब्त किए गए हैं।’
बयान में कहा गया कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल आंकड़ों ने समूह द्वारा कर चोरी के तौर-तरीकों को बताया, जिसमें फर्जी खर्चों की बुकिंग, अघोषित नकद बिक्री, अस्पष्टीकृत व उधार की प्रविष्टियां शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवा और मेडिकल कॉलेज चलाने के साथ सड़क निर्माण में लगे समूह के मामले में अघोषित नकद प्राप्तियों जिसमें प्रतिव्यक्ति शुल्क और चिकित्सक व स्नातकोत्तर के छात्रों को भुगतान किए गए वेतन और वजीफा के वापसी के सबूत मिले हैं।
बयान में कहा, ‘फर्जी खर्चों की बुकिंग व संविदा भुगतान से जुड़े साक्ष्य मिले हैं और समूह की इस तरह की अघोषित आय का शुरुआती अनुमान 35 करोड़ रुपये है।’
सीबीडीटी ने कहा कि अब तक दोनों समूहों पर की गई तलाशी कार्रवाई में सौ करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता चला है और पांच करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित संपत्ति जब्त की गई है।
 

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First Published - September 9, 2022 | 10:49 PM IST

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