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बदलाव के लिए बेचैन हैं खुदरा कारोबारी

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Last Updated- December 07, 2022 | 11:01 AM IST

देश के 80 फीसदी से अधिक खुदरा व्यापारी अपने कारोबार को आधुनिक रूप देना चाहते हैं। इस बात का खुलासा खुदरा कारोबारियों के सर्वोच्च संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) की रिपोर्ट में किया गया है।


सीएआईटी ने कारोबारियों की मनोदशा को जानने के लिए देश भर में एक सर्वे का आयोजन किया था। सर्वे में देश के 18 शहरों के 7643 कारोबारियों ने हिस्सा लिया। सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक महज 11 फीसदी कारोबारी ही अपने वर्तमान प्रारूप से संतुष्ट है।

सर्वे में शामिल होने वाले 7 फीसदी कारोबारियों ने कोई टिप्पणी नहीं की। जबकि 82 फीसदी ने कहा कि वे अपने व्यापार को आधुनिक रूप देना चाहते हैं लेकिन इसके लिए सरकार को उन्हें वित्तीय मदद देने के अलावा अपने टैक्स की प्रणाली में भी बदलाव लाना होगा।

व्यापारियों ने कहा कि सरकार को इंस्पेक्टर राज को भी हमेशा के लिए खत्म करना होगा। तभी देश के खुदरा कारोबार को आधुनिक बनाने का रास्ता तैयार हो पाएगा। देश के जिन शहरों को सर्वे में शामिल किया गया उनमें  मुख्य रूप से जयपुर, भोपाल, नागपुर, इंदौर, अहमदाबाद, झांसी, लखनऊ, गुवाहाटी, बंगलुरु, रांची, बिलासपुर व रायपुर शामिल हैं। 94 फीसदी कारोबारियों ने यह भी कहा कि सरकार को छोटे व खुदरा व्यापारियों के लिए सरकार को एक राष्ट्रीय व्यापार नीति का निर्माण करना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि खुदरा व्यापार के आधुनिकीकरण के लिए उन्हें कम से कम कागजी कार्रवाई के साथ बैंक से लोन मिलने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा कारोबारियों ने मंडियों में बुनियादी सुविधा मुहैया कराने और कर भुगतान के तरीकों को सुगम बनाने की इच्छा जाहिर की। सीएआईटी अपने राष्ट्रीय अधिवेशन में इस रिपोर्ट पर विचार करेगा।

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First Published - July 14, 2008 | 10:24 PM IST

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