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थोड़ा पढ़ना, थोड़ा पढ़ाना और छेड़िए सपनों को सच करने का तराना

Last Updated- December 07, 2022 | 9:04 AM IST

केन्द्र शासित क्षेत्र चंडीगढ़ ने सारंगपुर में बनने वाले एजुकेशन सिटी के दूसरे चरण के लिए तीन समूहों की छंटनी की है।


ये तीन शिक्षा समूह थापर यूनीवर्सिटी (पटियाला), रामनाथ गोयनका मेमोरियल ट्रस्ट और मीडिया फाउंडेशन (इंडियन एक्सप्रेस) और चितकारा एजुकेशनल ट्रस्ट हैं। इस समूहों को एजूकेशन सिटी में जमीन का आवंटन किया जाएगा।

एजुकेशन सिटी में थापर यूनीवर्सिटी औद्योगिक डिजायन और हेल्थकेयर इंजीनियरिंग के पाठयक्रमों का संचालन करेगी जबकि रामनाथ गोयनका मेमोरियल ट्रस्ट मीडिया, जनसंचार और पत्रकारिता के पाठयक्रमों की पेशकश करेगा। चितकारा एजुकेशनल ट्रस्ट पर्यटन और आतिथ्य सत्कार की शिक्षा देगा।

चंडीगढ़ से थोड़ी दूरी पर स्थित सारंगपुर एजुकेशन सिटी 150 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैला है। पहले चरण में 75 एकड़ जमीन निजी संस्थानों के लिए आरक्षित है और 75 एकड़ जमीन इंस्टीच्यूट ऑफ डिजायन और दूसरे पेशेवर संस्थानों के लिए हैं। इसमें 30 एकड़ जमीन पर बाजार और व्यायामशाला जैसी आम सुविधाओं का विकास किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इस संगठनों की सिफारिश चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा नियुक्त एक उच्च स्तरीय समिति ने की है।

एजुकेशन सिटी में प्रबंधन, जैव प्रौद्योगिकी, कम्प्यूटर विज्ञान, इंजीनियरिंग, अस्पताल प्रशासन, फार्मास्युटिकल्स और मल्टीमीडिया जैसे क्षेत्रों की पढ़ाई होगी। इससे पहले समिति ने पहले चरण के लिए 6 शैक्षिक संस्थानों के नाम को मंजूरी दी थी। इससे पहले जिन संस्थाओं को चुना गया था उनमें डीएवी कॉलेज प्रबंधन समिति (नई दिल्ली), फोर्टिस हेल्थ केयर लिमिटेड (नई दिल्ली), श्री विले पार्ले कल्वानी मंडल (मुंबई), टेक महिंद्रा लिमिटेड (पुणे), हित अभिलाषी फाउंडेशन सोसाइटी और आईएलएफएस चंडीगढ़ तथा माया अकादमी ऑफ एडवांस सिनेमैटिक शामिल हैं।

परियोनजा के निदेशक विवेक अत्री ने बताया कि एजुकेशन सिटी की स्थापना का मकसद युवाओं को सबसे बेहतरीन शैक्षिक पाठयक्रम मुहैया कराना और उनकी योग्यताओं को बढ़ाकर उच्च पदों पर रोजगार हासिल कराने में मदद करना है। इसके अलावा एजुकेशन सिटी की स्थापना के पीछे यह मकसद भी है कि तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर मानव संसाधन तैयार किए जा सकें।

निजी स्कूलों से मुकाबले की तैयारी

निजी क्षेत्र के स्कूलों और राज्य सरकार द्वारा संचालित स्कूलों के बीच की खाई को पाटने के मकसद से हरियाणा सरकार ने विभिन्न कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को 20 लाख अभ्यास पुस्तिकाएं मुफ्त में देने का फैसला किया है। अभ्यास पुस्तिकाएं नई शिक्षण पध्दति पर आधारित होगी। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंदर सिंह हुड्डा ने बताया कि हाल ही में विभिन्न देशों की यात्रा के दौरान उन्हें यह एहसास हुआ कि राज्य सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में अपनाई जाने वाली शिक्षण पध्दति पुरानी पड़ चुकी है और इस लिए नई शिक्षण पध्दति को शुरू किया जाना चाहिए।

राज्य सरकार अभ्यास पुस्तिकाओं के वितरण के लिए 18.50 करोड़ रुपये निवेश करेगी। उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों में पढ रहे आठ लाख अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राज्य सरकार 128 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। सरकार ने बताया है कि 17 बैंकों के जरिए छात्रों के लिए इस दिशा में कदम उठाए जाएंगे। प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ रहे छात्रों को 100 रुपये तथा लड़कियों को 150 रुपये हर महीने वजीफा मिलेगा।

शिक्षा जगत की हलचल

चंडीगढ़ स्थित एजुकेशन सिटी में थापर यूनीवर्सिटी, रामनाथ गोयनका मेमोरियल ट्रस्ट और चितकारा एजूकेशनल ट्रस्ट के कदम
हरियाणा सरकार बांटेगी 20 लाख अभ्यास पुस्तिकाएं
लखनऊ उच्च शिक्षा के नए केन्द्र के तौर पर उभर रहा है

First Published - July 4, 2008 | 9:12 PM IST

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