facebookmetapixel
Advertisement
सीमेंट कंपनियों की बिक्री में 7-8% उछाल, बढ़ती लागत ने मुनाफे पर डाला दबावमॉनसून सत्र में महज चार दिन शेष, शाह के बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं विपक्षप्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को दी बधाई, ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ को किया याद; हर घर तिरंगा की अपीलISRO 6 साल में भेजेगा 300 उपग्रह! 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने का लक्ष्यरिटर्न में पिछड़कर भी रहे एसआईपी की पसंद निवेश के लिए कितने सही हैं लार्ज कैप फंड?FPI की खरीदारी वाले शेयरों ने दिया बेहतर रिटर्न, फिर भी हिस्सेदारी 14 साल के निचले स्तर परमदरसन इंटरनैशनल में 9% उछाल, मजबूत नतीजों और नए कारोबार से बढ़ी ग्रोथ की उम्मीदNSE-BSE के दबदबे में क्षेत्रीय एक्सचेंजों का सफर, क्या लौटेगा कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज?हीरो मोटोकॉर्प की रफ्तार बरकरार, मजबूत वॉल्यूम और प्रीमियम मिक्स से बढ़ी उम्मीदउदारीकरण के 35 साल: ‘सनसेट इंडस्ट्री’ जिसने आर्थिक सुधारों के बाद लिख दी विकास की नई इबारत

दिल्ली अनलॉक में विनिर्माताओं को दिक्कतें

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 4:11 AM IST

दिल्ली सरकार ने आज से राजधानी में विनिर्माण और निर्माण गतिविधियों को मंजूरी तो दे दी मगर बंदिशें कम होने यानी अनलॉक के शुरुआती घंटों में जमीनी हालात हौसला बढ़ाते नजर नहीं आए। वाहनों के मुक्त आवागमन और अन्य कारोबारी गतिविधियों पर बंदिशें बनी हुई हैं, इसलिए उत्पादन इकाइयों से लेकर निर्माण स्थलों तक को पहले दिन कामकाज में बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ओखला औद्योगिक क्षेत्र में हजारों दफ्तर और सैकड़ों छोटी-मझोली विनिर्माण इकाइयां हैं। लेकिन बहुत कम लोगों के काम पर आने के कारण इस कारोबारी केंद्र की गलियां सूनी रहीं। जो लोग किसी तरह कारखानों तक पहुंचे, उन्हें भी पहले जैसा माहौल नजर नहीं आया।
ब्रांडेड ऑडियो उत्पादों के एक मझोले विनिर्माता हैप्पी साउंड्स इंडस्ट्रीज के उत्पादन प्रबंधक अंशुल जैन को दिन बढऩे के साथ ही अपने भीतर की ऊर्जा खत्म होती लगी। हैप्पी साउंड्स स्पीकर, एंप्लिफायर और माइक्रोफोन जैसे कई ऑडियो उत्पाद बनाती है। इस कंपनी ने डेढ़ महीने बाद कामगारों के लिए अपना दरवाजा खोला। लेकिन बहुत कम कामगार आए। कंपनी में आम तौर पर 100 कर्मचारी आते हैं मगर आज केवल 25 ही पहुंचे, जिनमें ज्यादातर अधिकारी थे।
कंपनी के कामकाज पर अहम कलपुर्जों की आपूर्ति नहीं होने का भी असर पड़ा है। चुंबक, स्पीकर, मेटल्स और प्रिंटेड सर्किट बोर्ड जैसे अहम कलपुर्जे दिल्ली के चावड़ी बाजार और लाजपत राय बाजार जैसे प्रमुख कारोबारी केंद्रों से आते हैं। मगर जैन ने बताया कि प्रतिबंध होने के कारण कारोबारियों से संपर्क करना और ऑर्डर देना लगभग नामुमकिन है। जैन ही नहींं अन्य विनिर्माताओं को भी आज ऐसी ही दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फ्रैक्टल स्टील प्रॉडक्ट्स या सूती दस्तानों की विनिर्माता शशि इंडिया जैसी बहुत सी इकाइयों ने शुरुआत में दिक्कतें आने के आसार को देखते हुए आपूर्ति शृंखला के सामान्य होने तक इंतजार करने का फैसला किया है। स्थानीय लोगों के अनुमानों के मुताबिक इस दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के औद्योगिक केंद्र में पहले दिन कम से कम 60 फीसदी इकाइयां बंद रहीं।
निर्माण गतिविधियां फिर शुरू करने की मंजूरी मिलने के बावजूद ज्यादातर रियल एस्टेट डेवलपर खुश नहीं हैं। उनके मुताबिक बड़ी तादाद में प्रवासी कामगार अभी तक घरों से लौटे नहीं हैं, जिस कारण वे मुश्किल में फंस गए हैं। टीडीआई इन्फ्राटेक के प्रबंध निदेशक अक्षय तनेजा ने कहा, ‘दिल्ली में निर्माण गतिविधियों को मंजूरी देने का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन समस्या यह है कि श्रमिक अपने घर चले गए हैं।’

Advertisement
First Published - May 31, 2021 | 11:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement