facebookmetapixel
IRFC 2.0: रेलवे से बाहर भी कर्ज देने की तैयारी, मेट्रो और रैपिड रेल में 1 लाख करोड़ का अवसरWipro Q3FY26 results: मुनाफा 7% घटकर ₹3,119 करोड़ पर आया, ₹6 के डिविडेंड का किया ऐलानBudget 2026 से क्रिप्टो इंडस्ट्री की बड़ी उम्मीदें! क्या इसको लेकर बदलेंगे रेगुलेशन और मिलेगी टैक्स में राहत?Value Funds: 2025 में रेंज-बाउंड बाजार में भी मजबूत प्रदर्शन, 2026 में बनेंगे रिटर्न किंग?Tiger Global tax case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत की टैक्स ट्रीटी नीति में क्या बदला?Defence Stock: हाई से 46% नीचे कर रहा ट्रेड, ब्रोकरेज ने कहा- खरीदने का मौका; अब पकड़ेगा रफ़्तारDefence Stocks: ऑर्डर तो बहुत हैं, पर कमाई चुनिंदा कंपनियों की- नुवामा ने बताए पसंदीदा शेयरजर्मनी-जापान तक जाएगी भारत की ग्रीन ताकत, काकीनाडा बना केंद्र; 10 अरब डॉलर का दांवGST कटौती का सबसे बड़ा फायदा किसे? ब्रोकरेज ने इन 3 FMCG stocks पर जताया भरोसाभारत के 8 ऐतिहासिक बजट: जिन्होंने देश को दिखाई नई राह

बिना अनुमति चल रही प्लास्टिक इकाइयों पर होगी सख्ती

Last Updated- December 12, 2022 | 1:57 AM IST

दिल्ली सरकार बिना पर्यावरण अनुमति के चल रही प्लास्टिक इकाइयों पर सख्ती करने जा रही है। सख्ती करने से पहले सरकार ने इन इकाइयों को अनुमति लेने का एक और मौका दिया है। इस मौके का फायदा न उठाने वाली प्लास्टिक इकाइयों को बंद किया जाएगा और इनसे पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि भी वसूली जाएगी।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में प्लास्टिक की थैलियों, पुनर्चक्रण योग्य प्लास्टिक थैलियों, बहुस्तरीय पैकेजिंग और प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रसंस्करण के सभी उत्पादकों, आयातकों, पुनर्चक्रणकर्ताओं और निर्माताओं के लिए प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम (संशोधन), 2018 के अधीन पंजीकरण के लिए जल (प्रदूषण की रोकथाम व नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और वायु (प्रदूषण की रोकथाम व नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत डीपीपीसी से इकाई चलाने की अनुमति लेना जरूरी है। 

दिल्ली में देखा जा रहा है कि बहुत सी प्लास्टिक  इकाइयां बिना अनुमति के चल रही हैं। बीते महीनों में इन इकाइयों के खिलाफ चलाए गए अभियान में बहुत सी इकाइयां बिना अनुमति के चलते पाई गईं और इन इकाइयों से पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि वसूली गई थी। डीपीसीसी अब बिना अनुमति चल रही प्लास्टिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रही है। लेकिन इस सख्ती से इन इकाइयों को अनुमति लेने का एक और मौका दिया जा रहा है। 
इन प्लास्टिक इकाईयों को 31 अगस्त तक डीपीसीसी से परिचालन की अनुमति प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा। इस दी गई मोहलत तक अनुमति के लिए आवेदन नहीं करने वाली और बिना अनुमति के चलती पाई प्लास्टिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिसमें इन इकाइयों को बंद करना, बिजली—पानी आपूर्ति के कनेक्शन काटने के साथ पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि की वसूली करना शामिल है। 

दिल्ली में 2000 से अधिक ऐसी प्लास्टिक इकाइयां है, जो प्लास्टिक कैरी बैग निर्माण, पुनर्चक्रण, पैकेजिंग व प्रसंस्करण से जुडी हैं। दिल्ली में 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग, शीट्स, बहुस्तरीय पैकेजिंग से बने कवर के उपयोग, उत्पादन, बिक्री, भंडारण पर पूर्ण पाबंदी पहले से ही है। केंद्रीय राष्टीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक दिल्ली में रोजाना 689 टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है।

First Published - August 11, 2021 | 12:28 AM IST

संबंधित पोस्ट