facebookmetapixel
BMC Election: महानगरपालिका चुनाव में करीब 50% मतदान, एग्जिट पोल में भाजपा गठबंधन को बहुमतL&T Tech Q3FY26 results: मुनाफा 6% घटकर ₹302 करोड़ पर आया, नए लेबर कोड से बढ़ी लागतNFO Alert: खत्म हुआ इंतजार, इस दिन खुलेगा Parag Parikh Large Cap Fund; ₹1,000 से SIP शुरूIndia-EU trade deal: व्यापार समझौता 27 जनवरी तक संभव! EU नेता 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में होंगे मुख्य अतिथिTrade Data: दिसंबर महीने में निर्यात 1.87% बढ़ा, आयात बढ़ने से व्यापार घाटा 25 अरब डॉलर तक बढ़ाFlipkart डील पर टाइगर ग्लोबल को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कैपिटल गेन टैक्स छूट से किया इनकारमोटर बीमा में दबाव के बावजूद ICICI Lombard पर ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार, टारगेट ₹2300 तयजब शेयर बाजार लड़खड़ाया, तब BAFs ने संभाला; एक्सपर्ट्स बता रहे 2026 में क्यों हैं स्मार्ट चॉइसबजट 2026 से रियल एस्टेट को बड़ी उम्मीदें: अफोर्डेबल और रेंटल हाउसिंग पर फोकस जरूरीलाइफ इंश्योरेंस कंपनी पर मोतीलाल ओसवाल बुलिश, ₹180 के टारगेट के साथ शुरू की कवरेज

दिल्ली: आधी आबादी को ही लगा टीका

Last Updated- December 12, 2022 | 2:16 AM IST

दिल्ली सरकार टीका लगने योग्य सभी दिल्ली वासियों को तीन महीने के अंदर कोरोना का टीका लगाने की योजना में पिछड़ गई है। अब तक दिल्ली की आधी आबादी को कोरोना टीके की पहली खुराक लग चुकी है, जबकि दिल्ली सरकार ने जुलाई तक दिल्ली में सभी को टीका लगाने का लक्ष्य रखा था। सरकारी अनुमान के मुताबिक दिल्ली में 149 लाख लोगों को कोरोना टीका लगना है। इसमें 92 लाख लोग 18 से 44 आयु वर्ग वाले, जबकि 57 लाख लोग 45 व इससे ज्यादा आयु वर्ग वाले हैं।
दिल्ली में अब तक 73.50 लाख लोगों को कोरोना टीके की पहली खुराक लग चुकी है, जो दिल्ली में लगने वाली कुल पहली खुराक का करीब 49 फीसदी हिस्सा है। इस तरह दिल्ली में टीके लगने वाली आधी आबादी को टीके की पहली खुराक लग चुकी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अप्रैल महीने के अंतिम सप्ताह में कहा था कि दिल्ली में सभी का तीन महीने के अंदर यानी जुलाई तक टीकाकरण कर दिया जाएगा। इस हिसाब से देखा जाए तो जुलाई तक दिल्ली में टीका लगने योग्य आधी आबादी को टीके की पहली ही खुराक लगी है। 45 आयु वर्ग में 53 फीसदी, जबकि 18-44 आयु वर्ग में करीब 40 फीसदी आबादी को पहली खुराक लगी है। पूर्णरूप से टीकाकरण यानी दोनों खुराक के संदर्भ में बात की जाए तो दिल्ली में अब तक करीब 25.60 लाख लोगों को टीेके की दोनों खुराक लग चुकी है, जो पूर्ण रूप से टीकाकरण का करीब 17 फीसदी हिस्सा ही है। हालांकि कुल लगने वाली 298 लाख दोनों खुराक का 10 फीसदी हिस्सा भी नहीं है।
लक्ष्य से काफी कम टीके की खुराक लगने के बारे में दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि इसकी वजह केंद्र सरकार व टीका निर्माता कंपनियों से पर्याप्त मात्रा में टीके की खुराक नहीं मिलना है। सरकार ने दिल्ली में रोजाना 3 लाख से अधिक टीके की खुराक लगाने की तैयारी की थी। इन दिनों दिल्ली में 1.50 लाख से अधिक टीके की खुराक लगाने की क्षमता है, जबकि टीके की कम उपलब्धता को देखते हुए रोजाना करीब 50 से 70 हजार टीके ही लग पा रहे हैं।

First Published - July 30, 2021 | 11:32 PM IST

संबंधित पोस्ट