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बिजली परियोजनाओं से रोशन हुआ मध्य प्रदेश

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Last Updated- December 06, 2022 | 9:02 PM IST

पिछली सरकार में जहां निजी कंपनियों ने करारनामों से मुकर जाने के बाद अपनी परियोजनाओं को कागजों से बाहर नहीं आने दिया वहीं अब कई निजी कंपनियां राज्य में बिजली बनाने की प्रक्रिया में काफी आगे पहुंच गई है।


झबुआ पावर लिमिटेड (केडिया पावर लिमिटेड) ने दक्षिण अफ्रीका से कोयला आयात करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किये है वहीं कंपनी ने पावर ट्रेडिंग कंपनी से बिजली खरीद के एक समझौते पर भी दस्तखत किये है।


कंपनी ने राज्य सरकार के साथ निवेश को पूरा करने के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किये है। राज्य सरकार के एक उच्च पदस्थ सूत्र के मुताबिक कंपनी झबुआ में 300 मेगावाट की दो इकाइयां लगायेगी जो लगभग ढाई साल में लग जायेगी। इसी प्रकार एस्सार पावर एमपी लिमिटेड ने भी राज्य पर्यावरण एवं प्रदूषण निवारण मंडल से भी अनापत्ति ले ली है और इसके साथ ही वित्तीय क्लोजर भी प्राप्त कर लिया है।


कंपनी प्रदेश में सीधी जिले के वेठन में 2 हजार मेगावाट का कोयला आधारित एक संयत्र लगायेगी। पहले चरण में कंपनी की योजना 1 हजार मेगावाट की इकाई लगाने की है।एक अन्य कंपनी एस के पावर जेनरेशन शहडोल जिले के लालपुर में 4 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 1 हजार मेगावाट का एक बिजली कारखाना लगाने जा रही है। कंपनी को एक्सिस बैंक से सैद्धांतिक रुप से योजना को फाइनेंस करने की मंजूरी प्राप्त हो गई है।


इस परियोजना के लिए कंपनी छत्तीसगढ़ के फतेहपुर ब्लॉक से कोयला प्राप्त करने का प्रयास कर रही है। कंपनी ने 47 लाख टन प्रतिवर्ष कोयला लेने के लिए एक आवेदन भी प्राप्त किया है। नई दिल्ली की टुडे होम्स कंपनी भी अपने प्रयासों में काफी आगे निकल गई है। कंपनी ने 1200 मेगावाट क्षमता की एक इकाई लगाने की योजना के लिए राज्य सरकार के साथ एक मसौदे पर हस्ताक्षर किये है।


कंपनी ने रेलवे ट्रांसपोर्ट और रक्षा विभाग से आवश्यक अनापत्तियों को पहले ही प्राप्त कर लिया है। सूत्र के मुताबिक पावरी ट्रेडिंग कंपनी द्वारा ओपन एक्सेस के लिए अध्ययन किया जा रहा है। जयप्रक ाश पावर वेन्चर्स लिमिटेड ने भी अपनी 1320 मेगावाट के कारखाने के लिए निवेश को क्रियान्वित करने के करारनामें पर हस्ताक्षर कर लिये है। जययप्रकाश को सीधी जिले के निगरी गांव में यह कारखाना लगाने के लिए सरकार ने 426.45 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की अनुमति दे दी है।


कंपनी को प्रथम चरण के लिए मध्य प्रदेश के अमोलिया कोयले के ब्लॉक और दूसरे चरण के लिए डोंगरीताल कोयला ब्लॉक पहले ही आंवटित किये जा चुके है। दो और कंपनियों द्वारा इन्फ्रा इंजीनियरिंग और जिंदल इंडिया थर्मल पावर लिमिटेड ने क्रमश: 12 मेगावाट और 2 हजार मेगावाट क्षमता के कारखाने लगाने की परियोजना क्रियान्वन करारनामों पर हस्ताक्षर कर दिये है। जिंदल से पावर ट्रेडिंग कार्पोरेशन ने बिजली खरीद के लिए सहमति जताई है। कपनी ने  इस परियोजना के ऋण प्रंबधन के लिए भारतीय स्टेट बैंक को सलाहकार नियुक्त किया है।

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First Published - May 4, 2008 | 10:29 PM IST

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