facebookmetapixel
Advertisement
गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा की तैयारी, कंपनियों में अनुपालन को लेकर असमंजसDelhi Metro Updates: सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद, चेक करें डीटेलरुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI ने मई में बेचे 6 अरब डॉलर, सामने आए ताजा आंकड़ेविदेश भेजे गए पैसे में बढ़ोतरी, लेकिन पढ़ाई और घूमने पर खर्च घटा! RBI रिपोर्ट ने दिखाया नया ट्रेंडमहिलाओं के लिए नौकरी ढूंढना हुआ और मुश्किल! ग्रामीण बेरोजगारी एक साल के रिकॉर्ड स्तर पर, सामने आई बड़ी वजहविदेशों से आने वाला पैसा क्यों हुआ कम? NRI Deposits में 29.25% की गिरावट, RBI रिपोर्ट में बड़ा खुलासाभारत का EV बाजार किसके हाथ में जाएगा? TVS या Bajaj… Q1 नतीजों और 5 ब्रोकरेज रिपोर्ट्स ने क्या दिए संकेतApple की एंट्री से बदलेगा Foldable Phone का खेल! 2026 में भारत में 6.5 लाख यूनिट्स का बड़ा रिकॉर्ड बनने की उम्मीदOpening Bell: सेंसेक्स 300 अंक टूटा, निफ्टी 23,900 के नीचे फिसला; FMCG शेयरों ने दिखाई मजबूतीट्रंप की टैरिफ धमकी के बीच जयशंकर-रूबियो की बड़ी बैठक! व्यापार, रक्षा और AI पर क्या बनी रणनीति?

उद्योगों को मंहगी मिलेगी बिजली

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:48 PM IST

उत्तराखंड में उद्योगों को अपने बिजली बिल के भुगतान के लिए पहले के मुकाबले अधिक जेब ढ़ीली करनी पड़ेगी।


 उत्तराखंड बिजली नियामक आयोग (यूईआरसी) राज्य के विभिन्न उद्योगों के लिए बिजली की दरों में 10 प्रतिशत से लेकर 33 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का आदेश जारी किया है। यूईआरसी के सूत्रों ने यह जानकारी दी।


आयोग ने एलटी औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। इस खंड में कम बढ़ोतरी का उद्देश्य आपूर्ति और महंगाई की स्थिति को बेकाबू होने से बचाए रखना है। एलटी औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए आयोग द्वारा तय बिजली की दरें अब 2.75 रुपये प्रति यूनिट होगी। अभी तक यह दर 2.45 रुपये प्रति यूनिट थी। इसके अलावा नियत शुल्क को 60 रुपये प्रति किलो वाट से बढ़ाकर 70 रुपये प्रति किलो वाट किया गया है।


एचटी उद्योगों को 33 प्रतिशत तक लोड फैक्टर के लिए 2.20 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करन होगा। सूत्रों ने बताया है कि 33 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत के दायरे में बिजली की दर 2.40 रुपये प्रति यूनिट होगी और इससे अधिक लोड फैक्टर के लिए 2.65 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा।


 मांग शुल्क उद्योगों के आकार के आधार पर तय की गई है। हजार केवीए तक लोड वाले एचटी उद्योगों को मांग शुल्क के तौर पर 150 रुपये प्रति केवीए प्रति माह चुकाने होंगे और इससे अधिक लोड वाले उद्योगों को प्रति माह प्रति केवीए के लिए 200 रुपये देने होंगे।


उत्तराखंड उद्योग संघ के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि बिजली की दरों में की गई बढ़ोतरी की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से उद्योगों पर दबाव बढ़ेगा। गुप्ता ने कहा कि ‘शुल्कों के अधिक भुगतान से उद्योग प्रभावित होंगे।’ हालांकि इस्पात उद्योग को एचटी श्रेणी में शामिल करके कुछ राहत दी गई है। यूईआरसी के अधिकारी ने बताया कि इस्पात इकाइयों के लिए अलग श्रेणी नहीं होगी और इन्हें एचटी उद्योगों में शामिल किया गया है।


उत्तराखंड के प्रमुख इस्पात व्यवसाई योगेश जिंदल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यूईआरसी ने राज्य में इस्पात उद्योग द्वारा लंबे अर्से से की जा रही मांग को पूरा किया है। आपूर्ति लागत और मुद्रास्फीति के प्रभावों को छोड़कर घरेलू किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। अधिकारी ने बताया कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मुहैया कराने के लिए स्थिर शुल्क में प्रति कनेक्शन 15 रुपये की वृद्धि की गई है।

Advertisement
First Published - March 20, 2008 | 10:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement