facebookmetapixel
Advertisement
RBI के नए ड्राफ्ट नियमों से NBFC पर बढ़ा दबाव, बजाज फाइनैंस समेत कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावटEditorial: डिजिटल पेमेंट को टिकाऊ बनाना है तो जीरो MDR पर नए सिरे से सोचना जरूरीशेयर बाजार में Authorized Persons के नियम होंगे कड़े, Brokers की Compliance जिम्मेदारी भी बढ़ेगीचार महीने की बिकवाली के बाद FPI की वापसी, भारतीय बाजार में Consumer और IT शेयरों पर फोकसSBI Q1 results: मुनाफा 10.23% बढ़कर ₹21,121 करोड़ पहुंचा, लोन ग्रोथ के चलते शानदार प्रदर्शननए Closing Auction System के बाद बाजार हुआ स्थिर, आखिरी मिनटों की उठा-पटक में कमीPM Surya Ghar Yojana के अगले चरण की तैयारी, रूफटॉप सोलर में बैटरी स्टोरेज जोड़ने पर विचारडेटा सेंटर और थर्मल पावर पर किर्लोस्कर ब्रदर्स का बड़ा दांव, FY27 में दोहरे अंक में बढ़ोतरी का लक्ष्य74 दिनों का तेल भंडार, मजबूत रिफाइनिंग और बायोफ्यूल ब्लेंडिंग से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत:केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरीग्रीन हाइड्रोजन और सौर ऊर्जा पर सरकार का बड़ा फोकस, उद्योग को मिलेगा सस्ती बिजली का लाभ

सितंबर की भारी बारिश से पानी-पानी मुंबई

Advertisement
Last Updated- December 15, 2022 | 1:20 AM IST

मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। कई इलाकों में पानी भर गया। सड़क और रेलवे यातायात बाधित होने से मुंबई की रफ्तार थम गई। सरकारी दफ्तरों में छुट्टी कर दी गई। उच्‍च न्‍यायालय और सत्र न्‍यायालय में भी कामकाज नहीं हुआ। बुधवार की भारी बारिश ने यहां बीते दो दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और सिंधु दुर्ग के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।  
मुंबई और आसपास के इलाके में जारी भारी बारिश ने कोरोना के कहर से परेशान मुंबईकरों की मुश्किलें और बढ़ा दी है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 26 सालों में सितंबर महीने में यह दूसरा मौका है, जब इतनी ज्‍यादा बारिश दर्ज की गई है। मुंबई शहर में बीते 24 घंटे की बारिश ने तमाम इलाकों में भारी जलजमाव की स्थिति बना दी है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार रात से लेकर बुधवार सुबह तक मुंबई के तमाम हिस्सों में भारी बारिश हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुंबई केंद्र के उप महानिदेश केएस होसालिकर ने कहा कि मुंबई में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश दर्ज की गई जो अब तक की सर्वाधिक बारिशों में से एक है।
मौसम विभाग के मुताबिक सांताक्रूज वेधशाला में बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में 286.6 मिमी बारिश दर्ज की गई जो महाराष्ट्र की राजाधानी में अब तक की चौथी सर्वाधिक बारिश थी। इसी दौरान कोलाबा में 147.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। सांताक्रूज वेधशाला के 1974 से लेकर अभी तक के आंकड़ों के अनुसार 23 सितंबर 1981 को 24 घंटे में 318.2 मिमी, 23 सितंबर ,1993 को इतनी ही अवधि में 312.4 मिमी और 20 सितंबर,  2017 को 24 घंटे में 303.7 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। अधिकारी ने कहा कि आज दर्ज की गई 286.4 मिमी बारिश 1974 से 2000 के बीच चौथी सबसे अधिक बारिश है। मौसम विभाग के अनुसार 15 मिमी से कम बारिश को हल्की, 15 से 64.5 मिमी बारिश को मध्यम और 64.5 मिमी से अधिक को भारी बारिश माना जाता है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मुंबई के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे में 120 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं निकटवर्ती ठाणे के कोपरी में 195.3 मिमी, चिराक नगर में 136.5 मिमी और ढोकली इलाके में 127 मिमी बारिश दर्ज की गई।
देश की आर्थिक राजधानी में कई स्थानों पर पानी भरने की वजह से जन परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं। नगर निकाय अधिकारी ने बताया कि कई सड़कों और निचले इलाकों में रातभर हुई बारिश की वजह से पानी भर गया और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई वाहनों के पानी में खराब हो जाने के कारण भी यातायात बाधित हुआ। नगरपालिका आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने शहर में भारी से बेहद भारी बारिश के भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान की वजह से आवश्यक सेवाओं के अलावा सभी कार्यालयों और अन्य संस्थानों को बुधवार को बंद रखने को कहा है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की  प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार चहल ने मुम्बईवासियों से आपात स्थिति को छोड़ कर घरों से न निकलने की अपील की है। सड़कों पर पानी भरे होने के कारण बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) की बस सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं और कई जगह यातायात का रुख भी बदला गया है।
भारी बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भरने की वजह से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। मध्य रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक सायन-कुर्ला और चूनाभट्टी-कुर्ला में भारी बारिश और जल जमाव के कारण, सीएसएमटी-ठाणे और सीएसएमटी – वाशी के कुछ इलाकों में सुरक्षा कारणों के चलते यातायात रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि ठाणे-कसारा, ठाणे-कर्जत और वाशी-पनवेल के बीच विशेष बसें (शटल) भी चलाईं गई। लंबी दूरी की कई ट्रेनों के समय में परिवर्तन भी किया गया है। पश्चिमी रेलवे ने भी बताया कि चर्चगेट-अंधेरी स्टेशनों के बीच भारी बारिश और जलभराव के कारण उपनगरीय ट्रेन सेवाएं निलंबित रहीं। उसने ट्वीट करके कहा कि अंधेरी और विरार के बीच उपनगरीय लोकल सेवाएं सामान्य हैं।

Advertisement
First Published - September 24, 2020 | 1:59 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement