facebookmetapixel
वेनेजुएला के तेल से खरबों कमाने के लिए अमेरिका को लगाने होंगे 100 अरब डॉलर, 2027 तक दिखेगा असर!स्वच्छ ऊर्जा से बढ़ी उपज, कोल्ड स्टोरेज ने बदला खेलBharat Coking Coal IPO: 9 जनवरी से खुलेगा 2026 का पहल आईपीओ, प्राइस बैंड तय; फटाफट चेक करें डिटेल्सउत्तर प्रदेश की चीनी मिलें एथनॉल, बायोगैस और विमानन ईंधन उत्पादन में आगे₹1,550 तक का टारगेट! PSU stock समेत इन दो शेयरों पर BUY की सलाहRBI MPC की नजर आर्थिक आंकड़ों पर, ब्याज दर में आगे की रणनीति पर फैसलाAdani Green के Q3 रिजल्ट की तारीख-समय तय, जानें बोर्ड मीटिंग और निवेशक कॉल की पूरी डिटेलStock Market Update: आईटी शेयरों पर दबाव से बाजार में कमजोरी, सेंसेक्स 110 अंक टूटा; निफ्टी 26300 के नीचे फिसलाTata Technologies Q3 रिजल्ट 2026: तारीख आ गई, इस दिन आएंगे तिमाही नतीजे2026 में भारतीय बैंकिंग पर आशावादी नजर, विदेशी निवेश और ऋण वृद्धि के संकेत

मूसलाधार बारिश से सुधरी भूजल की सेहत

Last Updated- December 07, 2022 | 9:46 PM IST

तीन महीनों तक चली मूसलाधार बारिश ने प्रदेश में बाढ़ से तबाही तो मचायी है पर एक खुशी की बात यह रही है कि बुंदेलखंड सहित पूरे राज्य में सालों से नीचे जा रहे भूजल के स्तर में खासा सुधार आया है।

समूचे बुंदेलखंड में इस मानसून में औसत से करीब 25 फीसदी ज्यादा बारिश हुयी है और इसके चलते पांच सालों के बाद खरीफ की अच्छी फसल का अनुमान लगाया जा रहा है।

भूगर्भ जल निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि बुंदेलखंड के सात जिलों में भूजल का स्तर करीब तीन से पांच मीटर तक बढ़ गया जो कि अपने आप में महत्वपूर्ण है।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि बारिश के थमने के बाद भूजल के बढ़े स्तर में कुछ गिरावट जरुर आएगी पर फिर भी पहले के मुकाबले कम से कम तीन मीटर तक भूजल का स्तर बढ़ा रहेगा।

इस साल समूचे उत्तर प्रदेश में मानसून की हालत बीते सालों के मुकाबले काफी अच्छी रही है। प्रदेश के पूर्वी भागों में तो बारिश के बाद बाढ़ ने खासी तबाही मचायी है।

गोरखपुर और कुशीनगर के कई जिले अभी भी बाढ़ से उबर नहीं सके हैं। इन जिलों के चार दर्जन गांवों में अभी भी पानी भरा हुआ है। 

बहराइच, बलरामपुर, बस्ती, सिध्दार्थनगर, कुशीनगर, गोंडा और श्रावस्ती जिलों में भूजल का स्तर सात से 10 मीटर तक ऊपर आ गया है।

गौरतलब है कि बीते 10 सालों में उत्तर प्देश के 70 में से 69जिलों में भूजल स्तर खतरे का निशान से भी नीचे चला गया  था और विशेषज्ञों का कहना था कि इन जिलों में बोरिंग का काम रोक देना चाहिए क्योंकि बिना रिचार्ज के इनका सफल हो पाना मुश्किल काम होगा। 

सरकार के भूजल विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक बहराइच को छोड़कर प्देश के सारे जिलों में भूजल का स्तर खतरे की सीमा पार कर चुका  था।

भारी बारिश का अनुमान

राज्य में शुरू हो चुका बारी का दौर अगले 2 से 3 दिनों तक जारी रह सकती है और अगले 24 घंटे के दौरान तेज हवाओं के चलते का अनुमान है।

राज्य मौसम विभाग के निदेशक मन्नू राम ने बताया कि इस साल उत्तर प्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है और क्षेत्र में सितंबर तक मानसून सक्रिय रहेगा।

राजधानी लखनऊ और औद्योगिक शहर कानपुर में भारी बारिश होने से कई स्थानों पर भारी जल-भराव की खबर है।

First Published - September 20, 2008 | 2:57 PM IST

संबंधित पोस्ट