facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका-ईरान समझौते का दिख रहा असर, होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए रवाना हुए उर्वरकों से लदे 4 जहाजब्रह्मोस मिसाइल का नया अवतार: वजन में हल्की और स्टेल्थ तकनीक से लैस, दुश्मनों के छूटेंगे पसीनेMeta की बड़ी डील: फिनटेक कंपनी CRED में लगाए 90 करोड़ डॉलर, कुणाल शाह बने व्हाट्सऐप के ग्लोबल हेडइन्फो एज का बड़ा दांव: 50 से अधिक AI और डीप-टेक स्टार्टअप्स में किया ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का निवेशब्रिटिश पीएम कीर स्टॉर्मर का भावुक इस्तीफा, क्या अधर में लटक जाएगा भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता?US ट्रेड डील पर पीयूष गोयल ने कहा: समय सीमा की चिंता अमेरिका की है, मुझे इसकी कोई फिक्र नहींआर्थिक मोर्चे पर झटका: मई में 7 महीने के निचले स्तर 0.5% पर आई भारत के 8 मुख्य सेक्टर्स की ग्रोथरिकॉर्ड उछाल: भारत में शुद्ध FDI 4 गुना बढ़कर $6.58 अरब के पार, विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसाUS-Iran Peace Deal: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- ईरान से बातचीत ने युद्ध खत्म करने की मजबूत नींव रखीअमेरिकी अर्थव्यवस्था के ‘धुरंधर’ और फेड के पूर्व प्रमुख एलन ग्रीनस्पैन का निधन, 100 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

दिल्ली :निश्चित खर्चो में राहत चाह रहे उद्यमी

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 3:47 AM IST

गुजरात सरकार द्वारा एक वर्ष के लिए संपत्ति कर और बिजली बिलों पर फिक्स्ड शुल्क माफ करने की घोषणा के बाद दिल्ली के उद्यमी भी निश्चित खर्चों में सरकार से राहत देने की मांग करने लगे हैं क्योंकि लॉकडाउन के कारण उनकी कमाई ठप रही। ऐसे में उन्हें निश्चित खर्चे मसलन बिजली बिल फिक्स्ड चार्ज, पानी बिल, संपत्ति कर, फैक्टरी लाइसेंस शुल्क आदि भरने में दिक्कत होगी। उद्यमियों ने दिल्ली सरकार और नगर निगम से इन खर्चों में छूट देने की मांग की है। गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी द्वारा हाल ही में एक वर्ष के लिए गुजरात में संपत्ति कर और बिजली बिलों पर फिक्स्ड शुल्क माफ करने की घोषणा की थी।
बादली इंडस्ट्रियल एस्टेट के महासचिव रवि सूद कहते हैं कि दो महीने तक कारखाने बंद रहे लेकिन उद्यमियों को बिजली बिल में फिक्स्ड चार्ज के रूप में हजारों रुपए भरने पड़ेंगे, जबकि इस दौरान उद्यमियों की कमाई नहीं हुई। मुझे ही मेरे कारखाने के बिजली बिल में फिक्स्ड चार्ज के रूप में 30,000 रूपये से ज्यादा भरने पडेंगे। दिल्ली सरकार को कम से कम लॉकडाउन अवधि का तो फिक्स्ड चार्ज माफ करना चाहिए और आगे भी इस चार्ज में कटौती की जाए। दिल्ली नगर निगमों ने फैक्ट्री लाइसेंस शुल्क में 10 गुना बढ़ोतरी की है। इसे भी वापस लिया जाए।
पटपड़गंज आंत्रप्रन्योर एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक संजय गौड ने कहा कि जब सरकार के आदेश पर कारखाने बंद किए गए हैं, तो सरकार को उदयोग के उन निश्चित खर्चों में छूट देनी चाहिए जिनका भुगतान सरकार को किया जाना है। बिजली—पानी बिल में फिक्स्ड चार्ज को माफ करने के साथ ही संपत्ति कर, औद्योगिक क्षेत्रों से लिया जाने वाला रखरखाव शुल्क भी माफ किया जाए। कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे भाजपा शासित दिल्ली के तीनों नगर निगम को संपत्ति कर और व्यापार लाइसेंस शुल्क में वृद्धि को वापस लेने की सलाह दें। साथ ही इनके भुगतान को अक्टूबर तक के लिए टाल दिया जाए।

Advertisement
First Published - June 10, 2021 | 11:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement