facebookmetapixel
Advertisement
Infosys Q1 Results: अनिश्चित वैश्विक माहौल से इन्फोसिस ने घटाया ग्रोथ आउटलुक, मुनाफा 12.2% बढ़ासुधारों में देरी से अधर में लटक जाएगा हमारे युवाओं का भविष्य: मोंटेक सिंह आहलुवालिया1991 के आर्थिक सुधारों के 35 साल: उपलब्धियां बड़ी, लेकिन अधूरे एजेंडे अब भी भारत के सामनेफूड डिलिवरी बाजार में उतरेगी फ्लिपकार्ट, अगस्त-सितंबर में ONDC के जरिए होगी शुरुआतसरकार ने ई-कॉमर्स FDI नियमों में दी बड़ी राहत, निर्यात के लिए इन्वेंटरी मॉडल को मंजूरीInfosys में नेतृत्व परिवर्तन: आशिष कुमार दास होंगे नए सीईओ, 1 अप्रैल 2027 से संभालेंगे कमानतेल में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका, सोना 2 फीसदी टूटाहूती हमलों से तेल बाजार में उथल-पुथल, ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचाकच्चे तेल में उछाल से शेयर बाजार की बिगड़ी चाल, सेंसेक्स 364 अंक टूटाSEBI का बड़ा प्रस्ताव: ऑनलाइन विवाद निपटान प्रणाली होगी तेज, MII संभालेंगे ओडीआर की जिम्मेदारी

पुणे में घर बनाना हुआ और मंहगा

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 9:15 PM IST

अब पुणे में घर बनाना और भी टेढ़ी खीर हो गया है। पुणे के रियल एस्टेट व्यापारियों ने रिहायशी इलाकों में घरों के निर्माण कार्य की कीमत 50 रुपये प्रति वर्गफुट से  बढ़ाकर 400 रुपये प्रति वर्गफुट कर दी गई।


जमीनों की बड़ी कीमतों के पीछे इस्पात और सीमेंट के दामों में हुई बढ़ोत्तरी और पुणे नगर महापालिका (पीएमसी) द्वारा संशोधित विकास की प्रीमियम दरों का बढ़ाया जाना है।’प्रमोटर्स एंड बिल्डिंग एसोसिएसन ऑफ पुणे (पीबीएपी) के अध्यक्ष ललीतकुमार जैन ने बताया कि निर्माण कार्य में लागत के बढ़ने और पीएमसी द्वारा कर की दर में बढ़ोतरी ने हमें निर्माण कार्य में बढ़ी हुई दरों को 20 अप्रैल 2008 से ही लागू करने के लिए मजबूर कर दिया है।’


पिछले दो वर्षो में पुणे के रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी की स्थिति बनी हुई थी। पिछले साल पुणे के 60 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में आईटी क्षेत्र का साम्राज्य स्थापित किया गया है। इससें लगभग 6000 हजार नए रोजगार पैदा हुए थे। इसके अलावा पुणे के औद्योगिक क्षेत्रों रंजनगांव, तालेगांव, पीरनगुट और चाकन में 25,000 हजार नए रोजगारों का सृजन हुआ।


सेवा और खुदरा क्षेत्र ने भी पिछले साल 25,000 हजार लोगों की रोजगार आवश्यकता को पूरा किया था। लेकिन इसके बावजूद शहर में 1,00,000 नए लोगों की फौज रोजगार की तलाश में शहर में जुड़ चुकी है।पुणे में पिछले साल बिल्डरों ने लगभग 35,000 हजार घरों का निर्माण किया था। जैन ने मीडिया को यह भी बताया कि पिछले दो वर्षो में रियल एस्टेट क्षेत्र में मांग व आपूर्ति में बड़ा अंतर होना, निर्माण दरों के अचानक बढ़ने का यह एक बड़ा कारण रहा।


 इस्पात के दामों भी 32,000 हजार प्रति टन से बढ़कर 52,000 हजार प्रति टन हो गए और इसके साथ ही सीमेंट के दामों में भी बढोतरी लगातार जारी है। इन सबके बावजूद पीएमसी ने भी रिहायशी योजनाओं के लिए विकास और प्रीमियम दरों को 200 फीसदी से बढ़ा कर 400 फीसदी कर दिया है।पुणे के 80 फीसदी रियल एस्टेट व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था पीबीएपी ने कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी से निबटने के लिए एक रिपोर्ट जारी की है।


रिपोर्ट में केंद्र द्वारा सीमेंट और इस्पात के दामों में कटौती करने के उपायों को सुझाना चाहिए। इसके साथ पीएमसी और पुणे जिला प्रंबधन को नागरिक बुनियादी ढांचा विकसित करने का प्रयत्न करना चाहिए। ऐसा करने से भारी संख्या में पड़े रिहायशी इलाकों को विकसित किया जा सकेगा। इसके अलावा महाराष्ट्र से मजदूरों का लगातार बढ़ता पलायन निर्माण दरों को बढ़ने का एक प्रमुख कारण है।

Advertisement
First Published - April 11, 2008 | 11:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement