अच्छे दिनों में राजकोषीय गुंजाइश न बनाना भारत की बड़ी भूल, आर्थिक संकट में विकल्प हुए सीमित
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी से हाल के संकट से निपटने के लिए तीन ‘एफ’ पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। ये हैं फॉरेन एक्सचेंज, फ्यूल और फर्टिलाइजर यानी विदेशी मुद्रा, ईंधन और उर्वरक। लेकिन उन्हें एक और महत्त्वपूर्ण ‘एफ’ जोड़ने की आवश्यकता हो सकती है: फिस्कल स्पेस यानी राजकोषीय गुंजाइश। यदि यह उपलब्ध […]
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Editorial: फेड चीफ के सख्त रुख और ब्याज दर बढ़ने के डर से सहमा ग्लोबल मार्केट
इस सप्ताह केविन वॉर्श के नेतृत्व में हुई पहली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक ने दुनिया के सबसे महत्त्वपूर्ण केंद्रीय बैंक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कामकाज में महत्त्वपूर्ण बदलावों की नींव रखी। एफओएमसी ने फेडरल फंड दरों का लक्ष्य दायरा 3.5 से 3.75 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा, लेकिन लगभग 130 शब्दों का उसका […]
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Editorial: G-7 शिखर सम्मेलन में भारत की कूटनीतिक बढ़त, विवाद पर सामंजस्य भारी
जब दुनिया की सबसे धनी अर्थव्यवस्थाओं के नेता फ्रांस के शहर एवियां-ले-बैन में एकत्रित हुए तो राजनयिकों ने राहत की सांस ली कि यह तीन दिवसीय आयोजन बिना किसी बड़े विवाद के और कुछ सफलताओं के साथ संपन्न हुआ। कनाडा में हुई पिछली बैठक जहां अमेरिका के नेतृत्व वाले व्यापार युद्ध के तनाव और रूस […]
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RBI के नए LCR नियमों के साथ शुरू हुआ ‘फ्री’ डिपॉजिट रेट्स का नया दौर
पिछले कुछ दिनों में कई बैंकों ने अपनी जमा दरें बढ़ाई हैं। फिलहाल भारत में वित्तीय क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के बीच बैंक जमा चर्चा का एक खास विषय बना हुआ है। इसकी वजह जमा में धीमी बढ़ोतरी या नई जमा जुटाने में बैंकों की चुनौती नहीं है। इसकी वजह कुछ और है यानी बैंकों […]
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