रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने आज आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के संबंध में कंपनी की योजनाओं का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि नवगठित रिलायंस इंटेलिजेंस सभी को और सभी जगह एआई उपलब्ध कराएगी।
रिलायंस इंटेलिजेंस साल 2026 के अंत तक जामनगर में अपनी एआई अवसंरचना की पहली 120 मेगावॉट क्षमता शुरू करेगी। रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा कि यह क्षमता 200,000 एच100 के समतुल्य जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) से अधिक बढ़ाई जा सकती है, जिससे कंपनी दुनिया के सबसे बड़े एआई कंप्यूट प्लेटफॉर्म में शामिल हो जाएगी।
कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत को कहीं और बनाई गई एआई का महज उपभोक्ता नहीं रहना चाहिए। उसे एआई में सृजक, अपनाने वाला और वैश्विक अगुआ बनने की जरूरत है।
उन्होंने शेयरधारकों से कहा, ‘इसीलिए हमने पिछले साल रिलायंस इंटेलिजेंस को अपने नवीनतम विकास इंजन के रूप में घोषित किया। हमारा उद्देश्य लाभदायक एआई अवसंरचना, प्लेटफॉर्म और सेवा कारोबार का निर्माण करना है जो बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं, उद्यमों और सरकारों को सेवा दे।’
रिलायंस इंटेलिजेंस अब योजना वाले चरण से इसे अंजाम देने की स्थिति तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा, ‘हम जो बना रहे हैं, वह है भारत के लिए एआई, भारत द्वारा एआई, एआई जो एक दिन दुनिया की सेवा करेगी।’
कंपनी जामनगर में भारत का संप्रभु एआई आधार बना रही है, जो कच्छ में रिलायंस की सौर इकाइयों से उत्पन्न अक्षय ऊर्जा से संचालित होगा। पहले चरण में आधुनिक एनवीडिया जीबी जीबी300 जीपीयू के शुरुआती चिप शामिल होंगे जिनकी कंप्यूट क्षमता एआई इन्फेरेंस वर्कलोड के लिए 75,000 एच100 जीपीयू के बराबर होगी।
कंपनी गूगल और मेटा जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ साझेदारी भी बढ़ा रही है। मुकेश अंबानी ने कहा कि गूगल के साथ रिलायंस का सहयोग एक एआई-प्रथम वाली साझेदारी में विकसित हो चुका है, जिसमें जेमिनी द्वारा संचालित गूगल एआई प्रो को जियो के लाखों उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। रिलायंस भारतीय उद्यमों के लिए ओपन-सोर्स लार्ज लैंग्वेज मॉडल फैमिली को संचालित करने पर केंद्रित संयुक्त उद्यम के जरिये मेटा के साथ भी काम कर रही है।
आकाश अंबानी ने कहा, ‘रिलायंस इंटेलिजेंस भारत के भीतर सॉवरिन होस्टिंग प्रदान करेगी, जिसमें समूची मॉडल पारदर्शिता और पोर्टेबिलिटी होगी और जहां हर उद्यम को अपनी एआई यात्रा अपनाने की सुविधा होगी।’ रिलायंस इंटेलिजेंस 22 भारतीय भाषाओं के लिए डिजाइन की गई बहुभाषी एआई सेवाओं का भी निर्माण कर रही है। कंपनी ने जियोभारतआईक्यू, एआई व्यापार, जियोहेल्थआईक्यू, जियोलर्नआईक्यू और जियोकृषिआईक्यू जैसी एआई ऐप्लिकेशन के एक सुइट का ऐलान किया। ये पेशकश क्रमशः उपभोक्ताओं, व्यापारियों, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कृषि पर केंद्रित होंगी।