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संप्रभुता, व्यावहारिकता और विकल्प: भारत के लिए जोखिम और समझदारी के बीच का संतुलनEditorial: ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ‘हथौड़ा’ और आगे की राहसुरक्षा के नाम पर अव्यवस्था और ‘चीनी’ रोबोडॉग का स्वदेशी दावा, AI इम्पैक्ट समिट पर उठे गंभीर सवालGDP Rebasing: नए आधार वर्ष से GDP की नई सीरीज तैयार, पर WPI को लेकर अर्थशास्त्रियों में मतभेदEnergy Growth: सरकारी तेल कंपनियों ने खोला खजाना, बीते 10 महीनों में खर्च किए ₹1.07 लाख करोड़US-India Trade: ट्रंप के पास हैं कई व्यापारिक हथियार, धारा 301 और 232 से बढ़ सकती है भारत की टेंशनIDFC First Bank में 590 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी, सरकारी खातों में हेरफेर से मचा हड़कंपMutual Funds: ‘मेगा फंड्स’ का बढ़ा दबदबा, ₹1 लाख करोड़ के क्लब में शामिल हुई तीन और बड़ी योजनाएंSME Growth: अब छोटी कंपनियां भी बना रहीं कर्मचारियों को करोड़पति, ईसॉप्स का बढ़ रहा है क्रेजMarket Alert: क्या सोना-चांदी बनेंगे निवेशकों के लिए सुरक्षित ढाल? ट्रंप के फैसले से मची हलचल

लेख

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संप्रभुता, व्यावहारिकता और विकल्प: भारत के लिए जोखिम और समझदारी के बीच का संतुलन

शेखर गुप्ता -February 22, 2026 11:17 PM IST

अभी 2026 की शुरुआत ही हुई है और ‘संप्रभुता’ शब्द खूब चर्चा में आ चुका है। भारतीय राजनीति में यह चर्चा का विषय है। जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भारत के संदर्भ में इस शब्द का इस्तेमाल करते हैं तब तो यह विस्फोटक ही हो जाता है। या तब भी जब उनके राजदूत सर्जियो गोर […]

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Editorial: ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ‘हथौड़ा’ और आगे की राह

बीएस संपादकीय -February 22, 2026 11:11 PM IST

अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्कों को लेकर जो निर्णय दिया है उसे राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल मे अब तक का सबसे बड़ा झटका करार दिया जा सकता है। इससे यह भी पता चलता है कि जरूरी नहीं कि प्रशासन द्वारा लिए गए सभी निर्णयों को न्यायिक मंजूरी […]

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सुरक्षा के नाम पर अव्यवस्था और ‘चीनी’ रोबोडॉग का स्वदेशी दावा, AI इम्पैक्ट समिट पर उठे गंभीर सवाल

देवांशु दत्ता -February 22, 2026 11:08 PM IST

एआई इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य उभरते हुए भारत की प्रतिभा को प्रदर्शित करना था। देश को अपनी संगठनात्मक क्षमता और वर्तमान में चर्चित इस उद्योग में अपनी बहुआयामी भूमिका का प्रदर्शन करना था। लेकिन यह गलत कारणों से चर्चा में रहने वाली एक ऐसी घटना साबित हुई जिसमें बार-बार सफाई देनी पड़ी।   अनेक प्रतिनिधियों और […]

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Editorial: शहरी निकायों को रिकॉर्ड फंडिंग, लेकिन संस्थागत सुधार के बिना असर सीमित

बीएस संपादकीय -February 20, 2026 9:33 PM IST

सोलहवें वित्त आयोग ने शहरी स्थानीय निकायों या प्रशासनों (यूएलजी) को राजकोषीय आवंटन बढ़ाया है। उसने यूएलजी के समग्र अनुदान में 130 फीसदी इजाफा किया है। पंद्रहवें वित्त आयोग के 1.55 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर यह राशि 2026 से 31 तक की अवधि के लिए 3.56 लाख करोड़ रुपये कर दी गई है। इसके […]

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