facebookmetapixel
निवेशक कैसे बनाएं दमदार पोर्टफोलियो? एसेट एलोकेशन और री-बैलेंसिंग की समझ लें बारीकियांFY26 में 7.5–7.8% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था: डेलॉयट का अनुमानDemerger के बाद पहली बार Siemens Energy दे रही डिविडेंड, रिकॉर्ड डेट घोषितBudget Trivia: भारत में इस वित्त मंत्री ने पेश किया था बजट, बाद में बना पाकिस्तान का PMQ3 results: यूनियन बैंक के नतीजे बेहतर, मुनाफा ₹5,000 करोड़ के पारTata Stock Alert: Q3 में दिखा सुधार, फिर भी ब्रोकरेज क्यों बोले- बेचकर निकल जाओ?जनवरी में बाजार की हालत खराब, निफ्टी 500 के 70% शेयर टूटे; आगे क्या करें निवेशक?रूस से तेल खरीद में भारत पिछड़ा, दिसंबर में तुर्किये ने छीना दूसरा स्थानरिकॉर्ड हाई के करीब दिग्गज Bank स्टॉक, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट प्राइस; कहा- बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदWPI: दिसंबर में थोक महंगाई बढ़कर 0.83% हुई, दो महीने बाद फिर पॉजिटिव

आईटी पेशेवरों पर चढ़ता बी-स्कूलों का जादू

Last Updated- December 05, 2022 | 5:30 PM IST

प्रबंधन संस्थानों में आईटी पेशेवरों की तादाद काफी तेजी से बढ़ रही है। पिछले 2 साल मे कुछ बिजनेस स्कूलों में ऐसे छात्रों की तादाद में 60 से 125 फीसदी का इजाफा हुआ है।


देश के बिजनेस स्कूलों में मैनेजमेंट और तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रबंधन संस्थानों में आईटी पेशेवरों की तादाद काफी तेजी से बढ़ रही है। पिछले 2 साल मे कुछ बिजनेस स्कूलों में ऐसे स्टूडेंट्स की तादाद में 60 से 125 फीसदी का इजाफा हुआ है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), लोएला इंस्टिटयूट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, मुंबई (लिबा), आईआईटी, मद्रास और पुणे स्थित सिम्बायोसिस इंस्टिटयूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के संबंधित अधिकारी भी इस रुझान की पुष्टि करते हैं।


हालांकि उन्होंने छात्रों की ठीकठीक संख्या बताने से इनकार कर दिया।लिबा की चयन समिति के सदस्य और कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन के चेयरपर्सन प्रोफेसर के. जयराम कहते हैं कि छात्रों की तादाद में पिछले साल के मुकाबले इस साल 10 गुना से भी ज्यादा का इजाफा हुआ है। इन छात्रों में ज्यादातर के पास टीसीएस या विप्रो में 2 साल काम करने का अनुभव है। नौकरी के अवसरों के बारे में जयराम का कहना है कि सिर्फ विप्रो और इन्फोसिस ही अभी भर्ती के लिए कैंपस पहुंची हैं।


आईआईटी मद्रास स्थित प्रबंधन विभाग के प्रमुख और प्रोफेसर एल. जी. गणेश कहते हैं कि एमबीए कोर्स में दाखिला लेने वाले 90 फीसदी छात्र आईटी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के होते हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ मार्केटिंग क्षेत्र में आने चाहते थे और अन्य व्यापार विश्लोषक, इनवेस्टमेंट बैंकर, वित्तीय विश्लेषक बनना चाहते थे। सिम्बायोसिस इंस्टिटयूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट प्रोफेसर श्रीरंग अलटेकर ने बताया कि संस्थान में इस साल पेशवरों की तादाद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है।


उन्होंने कहा कि इनमें से कई छात्र वित्तीय और बैकिंग सेवा, एचआर और कंस्लटिंग सेक्टर में प्रवेश करना चाहते हैं।आईआईएम अहमदाबाद के मैनेमेंट फॉर एग्जिक्यूटिव्स प्रोग्राम  के पहले बैच में 57 फीसदी छात्र आईटी सेक्टर के थे। सूत्रों के मुताबिक, इन लोगों का औसतन कार्य अनुभव नौ साल का था। आईआईएम इंदौर की भर्ती इकाई के चेयरमैन प्रो. प्रशांत सलवान कहते हैं कि पिछले दो साल में संस्थान में आईटी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की संख्या में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखने को मिली है।


पिछले साल इस संस्थान के 48 छात्रों ने नौकरी के लिए बैकिंग और वित्तीय सेक्टर को चुना, जबकि 20 फीसदी ने मार्केटिंग को। महज 6 फीसदी छात्रों ने आईटी सेक्टर में नौकरी तलाशी। आईआईएम कलकत्ता के 2007-09 बैच में कुल 300 छात्र हैं। इनमें 34 फीसदी पहले आईटी कंपनियों में काम कर चुके हैं।

First Published - April 2, 2008 | 12:24 AM IST

संबंधित पोस्ट